दिल्ली कैबिनेट ने नई औद्योगिक नीति 2026 को दी हरी झंडी: ₹1,000 करोड़ की मुख्यमंत्री उद्यमश्री योजना मंजूर, हाई-टेक आईटी हब बनेगी राजधानी

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Delhi Government Secretariat building at ITO with digital high-tech IT hub blueprint overlay

नई दिल्ली (दिल्ली डेस्क): राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को देश के सबसे आधुनिक, प्रदूषण-मुक्त और हाई-टेक औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने की दिशा में दिल्ली सरकार ने आज 14 अक्टूबर 2026 को बहुत बड़ा और ऐतिहासिक नीतिगत कदम उठाया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में दिल्ली सचिवालय में आयोजित कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में ‘दिल्ली नई औद्योगिक नीति 2026’ (Delhi New Industrial Policy 2026) को सर्वसम्मति से आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है। इसके साथ ही राजधानी के युवाओं, महिला उद्यमियों और नए स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए ₹1,000 करोड़ के बजट वाली ‘मुख्यमंत्री उद्यमश्री योजना’ (Mukhyamantri Udyamshree Yojana) शुरू करने की घोषणा की गई है। इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य भारी धुआं उगलने वाले पुराने कारखानों की जगह दिल्ली को आईटी (IT), सॉफ्टवेयर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), फिनटेक, रिसर्च एंड डेवलपमेंट और मीडिया एंटरटेनमेंट का ग्लोबल सेंटर बनाना है।

📌 दिल्ली नई औद्योगिक नीति 2026: मुख्य बातें और बड़े फायदे (Key Highlights)

  • ग्रीन और सर्विस इंडस्ट्री पर फोकस: प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर रोक, नॉलेज-बेस्ड आईटी, एआई और फिनटेक पार्कों को बढ़ावा
  • मुख्यमंत्री उद्यमश्री योजना: नए उद्यमियों को ₹10 लाख तक का बिना गारंटी सस्ता लोन और 50% ब्याज सब्सिडी
  • महिला उद्यमियों को विशेष रियायत: महिला स्टार्टअप्स के लिए 60% तक कैपिटल सब्सिडी और स्पेशल इनक्यूबेशन सेंटर्स
  • सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम: उद्योग लगाने के लिए सभी सरकारी अनुमतियां और लाइसेंस अधिकतम 15 दिनों में अनिवार्य रूप से जारी होंगे
  • रानीखेड़ा और नरेला में मेगा टेक पार्क: 150 एकड़ भूमि पर विश्व स्तरीय आईटी हब, डेटा सेंटर्स और को-वर्किंग स्पेस का निर्माण
  • रूफटॉप सोलर पर 50% छूट: औद्योगिक इकाइयों को अपनी छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए 50% तक सरकारी अनुदान

Delhi New Industrial Policy 2026: दिल्ली कैबिनेट ने दी मंजूरी, प्रदूषण मुक्त उद्योग पर जोर

दिल्ली के पर्यावरण और वायु गुणवत्ता की गंभीर चुनौतियों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने यह साहसिक फैसला लिया है कि अब राजधानी में किसी भी प्रकार के भारी विनिर्माण (Heavy Manufacturing) या प्रदूषण फैलाने वाले कारखानों को अनुमति नहीं दी जाएगी। दिल्ली देश की राजधानी है और इसे सिलिकॉन वैली और सिंगापुर की तर्ज पर एक ‘नॉलेज एंड इनोवेशन इकोनॉमी’ (ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था) के रूप में विकसित किया जाएगा।

उद्योग मंत्री ने कैबिनेट बैठक के बाद बताया कि यह नीति अगले 10 वर्षों के लिए दिल्ली के आर्थिक विकास का रोडमैप तैयार करती है। सरकार का लक्ष्य है कि अगले 5 वर्षों में राजधानी में 5 लाख से अधिक नए हाई-पेइंग व्हाइट कॉलर और टेक्निकल रोजगार के अवसर युवाओं के लिए पैदा किए जाएं।

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Mukhyamantri Udyamshree Yojana: ₹1,000 करोड़ का फंड, युवाओं और महिलाओं को ₹10 लाख तक का लोन

कैबिनेट द्वारा मंजूर की गई नई नीति का सबसे आकर्षक पहलू ‘मुख्यमंत्री उद्यमश्री योजना’ है। अक्सर दिल्ली के प्रतिभाशाली कॉलेज ग्रेजुएट्स और युवाओं के पास नए बिजनेस और स्टार्टअप आइडियाज तो होते हैं, लेकिन बैंकों से बिना गारंटी लोन न मिलने के कारण वे अपने सपनों को पूरा नहीं कर पाते।

इस योजना के तहत दिल्ली सरकार ने ₹1,000 करोड़ का समर्पित सीड फंड (Venture Fund) बनाया है। इसके तहत योग्य युवाओं को अपने नए उद्यम शुरू करने के लिए ₹10 लाख तक का कोलेटरल-फ्री (बिना किसी गारंटी का) लोन बहुत ही कम ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा सरकार लोन के ब्याज पर 50% की सब्सिडी भी खुद वहन करेगी। महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए महिला-स्वामित्व वाले स्टार्टअप्स को 60% कैपिटल ग्रांट और पहले तीन वर्षों के लिए पेटेंट फाइलिंग फीस में 100% की छूट दी जाएगी।

Delhi Secretariat Industrial Policy 2026 High Tech IT Hub
तस्वीर: दिल्ली कैबिनेट द्वारा स्वीकृत नई औद्योगिक नीति 2026 के तहत आधुनिक हाई-टेक आईटी और सर्विस इंफ्रास्ट्रक्चर का ब्लूप्रिंट

Transformation into IT & Service Hub: नरेला, बवाना और रानीखेड़ा में बनेंगे अत्याधुनिक टेक पार्क

दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (DSIIDC) के पास उपलब्ध खाली औद्योगिक भूखंडों का पुनर्विकास किया जाएगा। उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के रानीखेड़ा, नरेला और बवाना में लगभग 150 एकड़ भूमि पर अत्याधुनिक बहुमंजिला प्लग-एंड-प्ले आईटी एवं एआई पार्क्स (Plug-and-Play IT Parks) बनाए जाएंगे।

इन टेक पार्कों में हाई-स्पीड 5G/6G फाइबर कनेक्टिविटी, 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति, विश्व स्तरीय कन्वेंशन सेंटर्स, इनडोर कैफेटेरिया और स्टार्टअप्स के लिए बेहद सस्ते किराए पर को-वर्किंग स्पेस उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे वैश्विक आईटी कंपनियों, सॉफ्टवेयर फर्म्स, बीपीओ और गेमिंग स्टूडियोज को दिल्ली में अपने कॉर्पोरेट दफ्तर स्थापित करने के लिए विश्व स्तरीय सुविधाएं मिलेंगी।

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Single Window Clearance System: उद्योग शुरू करने के लिए 15 दिन में मिलेंगी सभी सरकारी मंजूरियां

कारोबारियों को लालफीताशाही और दफ्तरों के चक्कर काटने से बचाने के लिए ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (Ease of Doing Business) के तहत एक एकीकृत डिजिटल सिंगल-विंडो पोर्टल लॉन्च किया जाएगा। इस पोर्टल पर उद्योग शुरू करने के लिए आवश्यक 14 विभिन्न विभागों की मंजूरियां (जैसे प्रदूषण नियंत्रण समिति – DPCC, अग्निशमन सेवा, एमसीडी ट्रेड लाइसेंस, बिजली कनेक्शन) केवल एक ही कॉमन फॉर्म भरकर प्राप्त की जा सकेंगी।

सरकार ने कानून में प्रावधान किया है कि यदि कोई विभाग आवेदन प्राप्त होने के 15 कार्य दिवसों (15 Working Days) के भीतर कोई वैध आपत्ति दर्ज नहीं करता है, तो उसे ‘डीम्ड अप्रूवल’ (स्वतः स्वीकृत) मान लिया जाएगा और आवेदक को डिजिटल लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा। इससे भ्रष्टाचार और बिचौलियों पर पूरी तरह लगाम लगेगी।

Solar Subsidies & Green Industries: पर्यावरण अनुकूल उद्योगों को बिजली बिल में 50% तक राहत

दिल्ली को स्वच्छ और हरित बनाने के लिए नई नीति में पर्यावरण अनुकूल उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। जो भी औद्योगिक इकाई अपने परिसर की छत पर रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगाएगी, उसे सोलर पैनल लगाने की कुल लागत पर 50% की सीधी सरकारी सब्सिडी दी जाएगी।

इसके अलावा जीरो-लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) और रेन वाटर हार्वेस्टिंग तकनीक अपनाने वाले उद्योगों को पहले 3 वर्षों तक बिजली के वाणिज्यिक टैरिफ में ₹2 प्रति यूनिट की विशेष छूट दी जाएगी। सभी औद्योगिक क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग के लिए बड़े ईवी चार्जिंग हब भी सरकारी खर्चे पर बनाए जाएंगे।

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How to Apply for Delhi Udyamshree Scheme: दिल्ली के युवा कैसे ले सकते हैं इस योजना का लाभ?

योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया नवंबर 2026 के पहले हफ्ते से दिल्ली उद्योग विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन शुरू की जाएगी। इसके लिए आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए और वह दिल्ली का मूल निवासी होना चाहिए।

आवेदन के लिए अपने स्टार्टअप का एक संक्षिप्त प्रोजेक्ट रिपोर्ट (बिजनेस प्लान), आधार कार्ड, दिल्ली का निवास प्रमाण पत्र और शैक्षणिक योग्यता की मार्कशीट तैयार रखनी होगी। आवेदनों की स्क्रीनिंग उद्योग विशेषज्ञों की एक पारदर्शी समिति द्वारा की जाएगी और चयनित युवाओं को ऋण वितरण के साथ-साथ प्रतिष्ठित भारतीय प्रबंधन संस्थानों (IIMs) और आईआईटी दिल्ली के सलाहकारों से मुफ्त बिजनेस मेंटरशिप भी दिलाई जाएगी। दिल्ली सरकार की यह नई नीति राष्ट्रीय राजधानी के युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता और समृद्धि के नए द्वार खोलेगी।

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