नई दिल्ली (रेल व पॉलिटिकल डेस्क): भारतीय रेल के लाखों निष्ठावान कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए इस साल की दिवाली बेहद खुशियों भरी और ऐतिहासिक साबित होने जा रही है। आज 14 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अराजपत्रित (Non-Gazetted) रेल कर्मचारियों को 78 दिनों के वेतन के बराबर प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (Productivity Linked Bonus – PLB) देने के बहुप्रतीक्षित प्रस्ताव को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी गई है। इस ऐतिहासिक फैसले के तहत रेलवे के 11.4 लाख से अधिक कर्मचारियों के बैंक खातों में कुल ₹2,009 करोड़ की भारी-भरकम राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी। प्रत्येक पात्र रेलकर्मी को अधिकतम ₹17,951 का नकद बोनस इसी हफ्ते दिवाली से पहले एकमुश्त मिलेगा।
📌 रेल कर्मचारी दिवाली बोनस 2026: मुख्य आंकड़े और जरूरी बातें (Key Highlights)
- बोनस की अवधि: लगातार 14वें वर्ष भारतीय रेल कर्मचारियों को पूरे 78 दिनों का बोनस स्वीकृत किया गया
- प्रत्येक कर्मचारी को राशि: न्यूनतम वैधानिक गणना के अनुसार प्रत्येक पात्र कर्मचारी के खाते में ₹17,951 जमा होंगे
- कुल सरकारी खर्च: रेल मंत्रालय द्वारा ₹2,009 करोड़ का सीधा भुगतान 11,40,000 कर्मचारियों को किया जाएगा
- लाभार्थियों की श्रेणियां: ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट (ड्राइवर), सहायक लोको पायलट, गार्ड (ट्रेन मैनेजर), स्टेशन मास्टर, पॉइंट्समैन और वर्कशॉप तकनीशियन
- भुगतान की समय-सीमा: धनतेरस से पहले 18 से 20 अक्टूबर 2026 के बीच सभी कर्मचारियों के सैलरी खातों में राशि क्रेडिट होगी
- ऐतिहासिक रिकॉर्ड: पिछले वित्तीय वर्ष में रेलवे द्वारा 1,588 मिलियन टन रिकॉर्ड माल ढुलाई और 700 करोड़ से अधिक यात्रियों के सुरक्षित सफर का ईनाम
78 Days Railway Bonus Approved: रेल कर्मचारियों को दिवाली का बड़ा तोहफा, कैबिनेट का फैसला
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के बाद नई दिल्ली के नेशनल मीडिया सेंटर में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय रेल देश की जीवन रेखा है। 24 घंटे, 365 दिन आंधी, तूफान, कड़ाके की ठंड और तपती धूप में पटरियों पर काम करने वाले ट्रैक मेंटेनर्स, लोको पायलट्स, स्टेशन मास्टर्स और वर्कशॉप कर्मचारियों की कड़ी मेहनत के बिना देश की अर्थव्यवस्था नहीं चल सकती।
कैबिनेट ने फैसला किया है कि पिछले साल रेलवे ने जिस तरह माल ढुलाई (Freight Loading) और यात्री परिचालन में ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाए हैं, उसे देखते हुए कर्मचारियों को उनके हक का पूरा 78 दिनों का बोनस बिना किसी कटौती के दिवाली से ठीक पहले दिया जाना चाहिए, ताकि वे अपने परिवारों के साथ त्योहार की खुशियां पूरी उमंग से मना सकें।
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Bonus Amount Calculation: प्रत्येक रेल कर्मचारी के खाते में आएंगे ₹17,951, जानें पूरा हिसाब
अक्सर कर्मचारियों और आम लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि जब 78 दिनों का बोनस घोषित होता है, तो मिलने वाली राशि ₹17,951 ही क्यों होती है, जबकि कर्मचारियों का वास्तविक वेतन इससे कहीं अधिक होता है। इसका गणित समझना बहुत आसान है।
रेलवे में प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस की गणना के लिए भारत सरकार द्वारा एक वैधानिक न्यूनतम वेतन सीमा (Notional Wage Ceiling) ₹7,000 प्रति माह तय की गई है। इस नियम के तहत गणना का फॉर्मूला इस प्रकार होता है:
(₹7,000 / 30 दिन) × 78 दिन = ₹233.33 × 78 = ₹18,199.99 (वैधानिक कटौतियों के बाद नेट भुगतान ₹17,951)
इस प्रकार, चाहे कोई कर्मचारी पे-लेवल 1 का हो या पे-लेवल 7 का, सभी पात्र अराजपत्रित कर्मचारियों को ₹17,951 की एक समान अधिकतम बोनस राशि का भुगतान किया जाता है।

Which Railway Employees Will Benefit: ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, स्टेशन मास्टर – किसे-किसे मिलेगा बोनस?
यह दिवाली बोनस रेलवे के ग्रुप ‘सी’ और ग्रुप ‘डी’ (सभी नॉन-गेजेटेड) संवर्ग के कर्मचारियों को मिलेगा। इनमें निम्नलिखित प्रमुख कैडर शामिल हैं:
- ट्रैक मेंटेनर (गैंगमैन): पटरियों की सुरक्षा और मरम्मत करने वाले सबसे महत्वपूर्ण जमीनी कर्मचारी।
- रनिंग स्टाफ: ट्रेन चलाने वाले लोको पायलट (मेल/एक्सप्रेस, पैसेंजर और मालगाड़ी), असिस्टेंट लोको पायलट और गार्ड (ट्रेन मैनेजर)।
- स्टेशन परिचालन स्टाफ: स्टेशन मास्टर, पॉइंट्समैन, केबिन मैन, शंटिंग मास्टर और ट्रैफिक पोर्टर।
- वर्कशॉप और कैरिज & वैगन (C&W) स्टाफ: कोचों और इंजनों की मरम्मत करने वाले सभी कुशल और अर्ध-कुशल तकनीशियन।
- सिग्नल एवं टेलीकॉम (S&T) और इलेक्ट्रिकल: रेलवे के ऑटोमैटिक सिग्नलिंग और ओवरहेड इलेक्ट्रिक वायर (OHE) की निगरानी करने वाले कर्मचारी।
ध्यान दें: रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और रेलवे सुरक्षा विशेष बल (RPSF) के जवानों को पीएलबी के बजाय अलग से केंद्रीय तदर्थ बोनस (Ad-hoc Non-Productivity Bonus) दिया जाता है, जिसका आदेश गृह मंत्रालय और रेल मंत्रालय द्वारा अलग से जारी किया जाता है।
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Payment Date: दिवाली से पहले किस तारीख तक बैंक खातों में क्रेडिट हो जाएगा पैसा?
कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही रेलवे बोर्ड (Railway Board) ने सभी 17 जोनल रेलवे (जैसे उत्तर रेलवे, पश्चिम रेलवे, पूर्व मध्य रेलवे आदि) के महाप्रबंधकों (GMs) और प्रमुख वित्तीय सलाहकारों (PFAs) को आदेश जारी कर दिया है कि बोनस बिल तुरंत प्रोसेस किए जाएं।
अधिकारियों के अनुसार, कर्मचारियों के सैलरी खातों में 18 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 के बीच बोनस की राशि क्रेडिट कर दी जाएगी। यानी धनतेरस (28 अक्टूबर) से पूरे एक हफ्ते पहले कर्मचारियों के हाथ में नकदी आ जाएगी, जिससे वे अपने परिवार के साथ कपड़े, मिठाइयां, बर्तन और उपहारों की खरीदारी आसानी से कर सकेंगे।
Total Financial Burden: ₹2,009 करोड़ के भुगतान से बाजार को मिलेगा बड़ा बूस्ट
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि रेलवे कर्मचारियों को मिलने वाले इस ₹2,009 करोड़ के विशाल बोनस से देश के खुदरा बाजार (Retail Sector) में भारी मांग पैदा होगी। 11 लाख से ज्यादा परिवारों को एक साथ मिलने वाली इस नकदी का बड़ा हिस्सा स्थानीय बाजारों में खर्च होगा, जिससे कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, घरेलू उपकरण, ऑटोमोबाइल और मिठाइयों के छोटे व्यापारियों और दुकानदारों की बिक्री में जबरदस्त उछाल आएगा।
यह केवल कर्मचारियों को राहत नहीं है, बल्कि यह त्योहारी अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकने का एक बहुत बड़ा आर्थिक स्टिमुलस भी साबित होता है।
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Railway Unions Reaction: ऑल इंडिया रेलवेमेन्स फेडरेशन (AIRF) ने क्या कहा?
ऑल इंडिया रेलवेमेन्स फेडरेशन (AIRF) और नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन (NFIR) ने सरकार द्वारा 78 दिनों के बोनस की समय पर घोषणा का स्वागत किया है। यूनियनों ने कहा कि यह फैसला कर्मचारियों के पसीने और मेहनत का सम्मान है।
हालांकि, कर्मचारी यूनियनों ने यह मांग भी दोहराई कि ₹7,000 की पुरानी न्यूनतम वेतन सीमा की जगह 7वें वेतन आयोग के न्यूनतम वेतन ₹18,000 के आधार पर वास्तविक बोनस की गणना की जानी चाहिए। बहरहाल, त्योहारी सीजन में खाते में आने वाले लगभग ₹18,000 ने रेल कर्मचारियों के चेहरों पर बड़ी मुस्कान ला दी है और पूरे देश के रेलवे कॉलोनियों में दिवाली का जश्न आज से ही शुरू हो गया है।
