नई दिल्ली (पॉलिटिकल व वेलफेयर डेस्क): देश के करोड़ों जरूरतमंद, दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए आज 14 अक्टूबर 2026 को केंद्र सरकार ने बहुत बड़ा और ऐतिहासिक कल्याणकारी फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet) की बैठक में ‘प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना 2026’ (PM Samajik Sahayata Yojana) के नवीनीकृत और विस्तारित प्रारूप को आधिकारिक तौर पर हरी झंडी दे दी गई है। इस कल्याणकारी योजना के लिए कैबिनेट ने ₹12,000 करोड़ के रिकॉर्ड बजट को मंजूरी दी है। इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि गंभीर रूप से दिव्यांग (80% या उससे अधिक दिव्यांगता वाले) नागरिकों की मासिक पेंशन को ₹1,000 से सीधे बढ़ाकर ₹2,500 प्रति माह कर दिया गया है, जो 1 नवंबर 2026 से सीधे लाभार्थियों के आधार-लिंक्ड बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी।
📌 प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना: मुख्य बातें और बड़े लाभ (Key Highlights)
- बजट का बड़ा आवंटन: वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹12,000 करोड़ का कुल परिव्यय केंद्रीय कैबिनेट द्वारा स्वीकृत
- दिव्यांग पेंशन में भारी बढ़ोतरी: मासिक पेंशन ₹1,000 से सीधे बढ़ाकर ₹2,500 प्रति माह की गई (150% का सीधा इजाफा)
- सीधा बैंक ट्रांसफर (DBT): दलालों और बिचौलियों की छुट्टी, हर महीने की पहली तारीख को आधार-बेस्ड खाते में पहुंचेगा पैसा
- मुफ्त आधुनिक सहायक उपकरण: 15 लाख दिव्यांगजनों को मुफ्त मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, डिजिटल हियरिंग एड्स और स्मार्ट व्हीलचेयर का वितरण
- UDID पोर्टल से आसान लिंकिंग: केवल यूनिक डिसेबिलिटी आईडी (UDID) कार्ड के आधार पर बिना किसी दफ्तर के चक्कर काटे मंजूरी
- लागू होने की तारीख: 1 नवंबर 2026 से सभी पात्र नागरिकों के खातों में नई बढ़ी हुई पेंशन राशि आनी शुरू होगी
PM Samajik Sahayata Yojana 2026: केंद्रीय कैबिनेट ने दी ₹12,000 करोड़ के मेगा पैकेज को मंजूरी
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग में बताया कि सरकार का संकल्प ‘सबका साथ, सबका विकास और अंत्योदय’ का है। समाज के अंतिम पायदान पर खड़े दिव्यांग भाइयों-बहनों, बेसहारा बुजुर्गों और विधवा माताओं को सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आर्थिक सुरक्षा देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पुराने नियमों के तहत केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली बुनियादी पेंशन राशि काफी कम थी और महंगाई के इस दौर में लाभार्थियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। नए पैकेज के तहत केंद्र सरकार ने अपना वित्तीय हिस्सा दोगुने से भी अधिक बढ़ा दिया है। इसके साथ ही राज्य सरकारों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने राज्य का अंशदान जोड़कर इस पेंशन को कम से कम ₹3,500 से ₹4,000 प्रति माह तक पहुंचाएं ताकि किसी भी दिव्यांगजन को किसी पर निर्भर न रहना पड़े।
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Disability Pension Doubled: दिव्यांग पेंशन ₹1,000 से बढ़कर हुई ₹2,500, खाते में कब से आएगा पैसा?
नई योजना के तहत पेंशन दरों में सबसे बड़ी बढ़ोतरी दिव्यांगजनों के लिए की गई है। 80 प्रतिशत या उससे अधिक गंभीर दिव्यांगता (Severe Disabilities / Multiple Disabilities) से जूझ रहे नागरिकों को अब तक केवल ₹1,000 प्रति माह मिलते थे। कैबिनेट के आज के फैसले के बाद अब उन्हें प्रति माह ₹2,500 की सीधी केंद्रीय सहायता मिलेगी।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि बढ़ी हुई पेंशन राशि का पहला भुगतान 1 नवंबर 2026 को सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए लाभार्थियों के खातों में जमा कराया जाएगा। इसके लिए लाभार्थियों को किसी सरकारी दफ्तर में जाने या नया फॉर्म भरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है; जो पहले से पंजीकृत हैं, उनका भुगतान ऑटोमैटिक तरीके से नई दर पर ट्रांसफर किया जाएगा।

Who is Eligible for the Scheme: योजना का लाभ लेने के लिए कौन-कौन से नागरिक हैं पात्र?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए केंद्र सरकार ने बेहद पारदर्शी और सरल पात्रता मानदंड तय किए हैं:
- दिव्यांगजन: ऐसे भारतीय नागरिक जिनकी न्यूनतम दिव्यांगता 40% या उससे अधिक प्रमाणित हो और उनके पास सरकारी अस्पताल द्वारा जारी वैध UDID कार्ड हो। 80% से अधिक दिव्यांगता वालों को पूर्ण ₹2,500 की दर मिलेगी।
- वरिष्ठ नागरिक (इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन): 60 वर्ष से अधिक आयु के बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवारों के बुजुर्ग। 80 वर्ष से अधिक आयु वालों के लिए पेंशन बढ़ाकर ₹2,000 प्रति माह की गई है।
- निराश्रित महिलाएं (विधवा पेंशन): 40 से 79 वर्ष आयु वर्ग की गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाली विधवा महिलाएं, जिनकी आजीविका का कोई अन्य साधन न हो।
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UDID Card & Direct Benefit Transfer (DBT): पेंशन सीधे बैंक खाते में पाने के लिए क्या करना होगा?
योजना में शत-प्रतिशत पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने इसे यूनिक डिसेबिलिटी आईडी (UDID) पोर्टल और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के आधार पेमेंट ब्रिज से जोड़ दिया है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि किसी फर्जी व्यक्ति या मृतक के नाम पर पेंशन का दुरुपयोग न हो सके।
यदि आपका बैंक खाता आपके आधार कार्ड से लिंक और डीबीटी-इनेबल्ड (DBT Enabled) है, तो पैसा सीधे आपके खाते में क्रेडिट होगा। इसके लिए किसी बैंक ब्रांच में जाकर पासबुक पर मुहर लगवाने की जरूरत नहीं है, पैसा ट्रांसफर होते ही रजिस्टर्ड मोबाइल पर एसएमएस आ जाएगा। जिन लाभार्थियों के पास बैंक खाता नहीं है, उनके लिए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के डाकिया घर-घर जाकर बायोमेट्रिक से पैसे निकालने की ‘डोरस्टेप बैंकिंग’ सुविधा उपलब्ध कराएंगे।
Assistive Devices & Artificial Limbs: मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल और हियरिंग एड्स कैसे मिलेंगे मुफ्त?
पेंशन के अलावा योजना के दूसरे चरण में दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (ALIMCO) के माध्यम से देश भर के सभी जिलों में ‘मेगा डिस्ट्रीब्यूशन कैम्प्स’ (सहायता शिविर) लगाए जाएंगे।
इन शिविरों में चलने-फिरने में असमर्थ दिव्यांगजनों को फ्री बैटरी वाली मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, दृष्टिबाधितों के लिए स्मार्ट केन और ब्रेल लैपटॉप, और सुनने में कमजोर बच्चों के लिए डिजिटल हियरिंग एड्स बिल्कुल मुफ्त बांटे जाएंगे। इन आधुनिक उपकरणों से दिव्यांग युवा अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए कॉलेज जा सकेंगे और स्वरोजगार शुरू कर सकेंगे।
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How to Apply Online on Portal: पेंशन के लिए घर बैठे ऑनलाइन आवेदन करने का आसान तरीका
अगर आपके परिवार या पड़ोस में कोई पात्र व्यक्ति है, तो वे निम्नलिखित आसान चरणों से इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं:
1. राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के आधिकारिक पोर्टल nsap.nic.in पर जाएं या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाएं।
2. ‘Apply Online for Pension Scheme’ लिंक पर क्लिक करें और अपनी श्रेणी (दिव्यांग, वृद्ध या विधवा) चुनें।
3. अपना आधार कार्ड नंबर, समग्र/राशन कार्ड नंबर और UDID कार्ड का नंबर दर्ज करें।
4. अपना बैंक खाता नंबर और IFSC कोड भरें।
5. फॉर्म सबमिट करते ही जिला सामाजिक कल्याण अधिकारी (DSWO) के स्तर पर ऑनलाइन वेरिफिकेशन होगा और 15 दिनों के भीतर पेंशन की मंजूरी का एसएमएस मोबाइल पर प्राप्त हो जाएगा। सरकार का यह कदम देश के लाखों असहाय परिवारों के जीवन में नया सवेरा और आत्मसम्मान लेकर आया है।
