प्रयागराज (एजुकेशन डेस्क): उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक बनने का सपना देख रहे लाखों टीईटी और सीटीईटी पास अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने प्राथमिक शिक्षक भर्ती (PRT – विज्ञापन संख्या 05/2026) के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि को आगे बढ़ाते हुए 4 नवंबर 2026 तक विस्तारित कर दिया है। यह फैसला इलाहाबाद उच्च न्यायालय (Allahabad High Court) द्वारा 24 अक्टूबर को दिए गए एक ऐतिहासिक अंतरिम आदेश के अनुपालन में लिया गया है, जिसमें विशेष शिक्षा में 2 वर्षीय डिप्लोमा (Special D.Ed – RCI Approved) और 4 वर्षीय बैचलर ऑफ एलीमेंट्री एजुकेशन (B.El.Ed) धारक प्रशिक्षित युवाओं को प्राथमिक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला और नए पात्रता नियम
उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्तियों को लेकर लंबे समय से कानूनी और प्रशासनिक खींचतान चलती रही है। हाल ही में जारी विज्ञापन में आयोग ने केवल सामान्य 2 वर्षीय डीएलएड (BTC) अभ्यर्थियों को ही आवेदन की अनुमति दी थी, जिसके खिलाफ स्पेशल एजुकेशन डिप्लोमा और 4 वर्षीय बीएलएड डिग्री धारक अभ्यर्थियों ने उच्च न्यायालय की शरण ली थी।
याचिकाकर्ताओं की दलील थी कि नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) की अधिसूचना और पुनर्वास परिषद (RCI) के नियमों के अनुसार विशेष शिक्षक और चार वर्षीय प्राथमिक शिक्षा स्नातक प्राथमिक स्तर पर पढ़ाने के लिए पूरी तरह योग्य हैं। न्यायमूर्ति की पीठ ने मामले की गंभीरता को समझते हुए आयोग को निर्देश दिया कि इन वंचित अभ्यर्थियों के लिए तुरंत आवेदन पोर्टल खोला जाए और फॉर्म भरने की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए।
आयोग द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार अब निम्नलिखित श्रेणियों के अभ्यर्थी भी आवेदन के पात्र हो गए हैं:
1. सामान्य 2 वर्षीय डीएलएड / बीटीसी: वे अभ्यर्थी जिन्होंने न्यूनतम 50% अंकों के साथ स्नातक और 2 वर्षीय डीएलएड उत्तीर्ण किया हो।
2. स्पेशल एजुकेशन में 2 वर्षीय डिप्लोमा (D.Ed Special): रिहैबिलिटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया (RCI) द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान से स्पेशल एजुकेशन में 2 वर्षीय डिप्लोमा धारक।
3. 4 वर्षीय बी.एल.एड (B.El.Ed): न्यूनतम 50% अंकों के साथ 10+2 इंटरमीडिएट और 4 वर्षीय बैचलर ऑफ एलीमेंट्री एजुकेशन डिग्री।
4. अनिवार्य टीईटी पात्रता: उपरोक्त सभी योग्यताओं के साथ अभ्यर्थी के पास यूपी-टीईटी (UPTET) पेपर-1 या सीटीईटी (CTET) पेपर-1 उत्तीर्ण होने का वैध प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है।

संशोधित तिथियों का आधिकारिक कैलेंडर
आयोग के सचिव द्वारा जारी संशोधित समय-सारणी के अनुसार विभिन्न चरणों की तिथियां इस प्रकार निर्धारित की गई हैं:
ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि: 4 नवंबर 2026 (मध्यरात्रि तक)
ऑनलाइन आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि: 5 नवंबर 2026
पूर्ण आवेदन फॉर्म सबमिट करने और प्रिंट लेने की अंतिम तिथि: 6 नवंबर 2026
ऑनलाइन आवेदन सुधार विंडो (Correction Window): 7 नवंबर 2026 तक सक्रिय रहेगी
लिखित परीक्षा की प्रस्तावित तिथियां: 3 और 4 दिसंबर 2026 (आयोग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की पूर्व निर्धारित तिथियों में कोई बदलाव नहीं किया गया है)।
चयन प्रक्रिया और मेरिट निर्धारण का नया फॉर्मूला
नए आयोग (UPESSC) के गठन के बाद उत्तर प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों के चयन की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए व्यापक बदलाव किए गए हैं। नए नियमों के अनुसार अंतिम चयन सूची (Final Merit List) तैयार करने में निम्नलिखित व्यवस्था लागू की गई है:
लिखित परीक्षा का वेटेज: कुल चयन में 90% वेटेज वस्तुनिष्ठ बहुविकल्पीय लिखित परीक्षा (CBT या OMR आधारित) को दिया जाएगा। इसमें भाषा (हिंदी व अंग्रेजी), गणित, पर्यावरण अध्ययन, बाल मनोविज्ञान, विज्ञान और सामान्य ज्ञान के कुल 150 प्रश्न पूछे जाएंगे।
अकादमिक गुणांक: नए मसौदे के अनुसार पूर्व की भांति 40% की जगह अब अकादमिक गुणांक का प्रभाव सीमित कर दिया गया है ताकि परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने वाले मेधावी युवाओं को सीधा लाभ मिले।
साक्षात्कार (Interview) नहीं होगा: ग्रुप ‘सी’ और प्राथमिक शिक्षक पदों के लिए कोई मौखिक साक्षात्कार नहीं होगा, जिससे चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के पक्षपात की गुंजाइश पूरी तरह समाप्त हो जाती है।
फॉर्म भरते समय किन सावधानियों का ध्यान रखें?
उत्तर प्रदेश के लाखों प्रतियोगी छात्र कई बार छोटी-छोटी गलतियों की वजह से भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो जाते हैं। फॉर्म भरते समय इन बातों का कड़ाई से पालन करें:
1. वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) का मिलान: फॉर्म भरने से पहले आयोग के पोर्टल पर अपना ओटीआर प्रोफाइल अच्छी तरह जांच लें। यदि नाम, जन्मतिथि या जाति प्रमाण पत्र संख्या में कोई त्रुटि है, तो पहले ओटीआर में संशोधन करें।
2. आरक्षण प्रमाण पत्र की वैधता: ओबीसी (नॉन-क्रीमी लेयर), ईडब्ल्यूएस, एससी और एसटी वर्ग के प्रमाण पत्र वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुसार जारी होने चाहिए। महिला अभ्यर्थियों के जाति प्रमाण पत्र में पिता पक्ष का नाम होना अनिवार्य है।
3. टीईटी रोल नंबर और मार्क्स: यूपीटीईटी या सीटीईटी के रोल नंबर, उत्तीर्ण वर्ष और प्राप्तांक को मूल अंकपत्र से देखकर ही दर्ज करें। इंटरनेट कॉपी के बजाय ओरिजिनल मार्कशीट का विवरण भरें।
निष्कर्ष: युवाओं के लिए सुनहरा अवसर
यह फैसला उन हजारों स्पेशल बीएड/डीएलएड और बीएलएड डिग्रीधारी युवाओं के लिए एक बड़ी जीत है जो लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे थे। अब जब कोर्ट ने उनके पक्ष में राहत दी है, तो सभी पात्र अभ्यर्थियों को बिना देरी किए निर्धारित अंतिम तिथि 4 नवंबर से पहले अपना पंजीकरण पूरा कर लेना चाहिए। उत्तर प्रदेश शिक्षक भर्ती, यूपीटीईटी और सरकारी नौकरियों के सटीक अपडेट्स के लिए हमारे एजुकेशन पोर्टल से हमेशा जुड़े रहें।
लिखित परीक्षा का विस्तृत पाठ्यक्रम और विषय-वार अंक विभाजन
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक भर्ती (सुपर टीईटी) की लिखित परीक्षा कुल 150 अंकों की होगी जिसमें 150 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा की अवधि 2 घंटे 30 मिनट होगी। पाठ्यक्रम का विषय-वार विभाजन इस प्रकार है:
1. भाषा (हिंदी, अंग्रेजी व संस्कृत – कुल 40 अंक): हिंदी भाषा के लिए 20 अंक, अंग्रेजी के लिए 10 अंक और संस्कृत के लिए 10 अंक निर्धारित हैं। इसमें व्याकरण, अपठित गद्यांश, पद्यांश और शब्द सामर्थ्य से जुड़े प्रश्न आते हैं।
2. विज्ञान और गणित (कुल 30 अंक): गणित के 20 अंक और दैनिक जीवन में विज्ञान के 10 अंक होते हैं। इसमें अंकगणित, बीजगणित, ज्यामिति, सामान्य भौतिकी, रसायन और जीव विज्ञान के बुनियादी सिद्धांत शामिल हैं।
3. पर्यावरण एवं सामाजिक अध्ययन (10 अंक): भारतीय भूगोल, नदियां, पर्वत, भारतीय संविधान, शासन व्यवस्था, यातायात सुरक्षा और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम।
4. शिक्षण कौशल, बाल मनोविज्ञान एवं जीवन कौशल (कुल 30 अंक): शिक्षण की विधियां, समावेशी शिक्षा, सीखने के सिद्धांत, दिव्यांग बालकों हेतु विशेष प्रबंध, व्यावसायिक आचरण एवं नीति और प्रेरणा।
5. सामान्य ज्ञान व समसामयिक घटनाएं (30 अंक): राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय समसामयिक घटनाएं, उत्तर प्रदेश विशेष सामान्य ज्ञान, महत्वपूर्ण व्यक्तित्व, पुरस्कार और खेलकूद।
6. तार्किक ज्ञान और सूचना तकनीकी (10 अंक): कंप्यूटर, इंटरनेट, डिजिटल शिक्षण सामग्री और सामान्य रीजनिंग।
तैयारी के लिए श्रेष्ठ प्रामाणिक पुस्तकें और अध्ययन सामग्री
बाजार में उपलब्ध गाइड बुक्स पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय अभ्यर्थियों को बुनियादी स्तर पर अपनी तैयारी मजबूत करनी चाहिए:
कक्षा 1 से 8 तक की बेसिक शिक्षा परिषद (UP Board) और एनसीईआरटी (NCERT) की पाठ्यपुस्तकों का अध्ययन करें। विज्ञान, पर्यावरण और सामाजिक विज्ञान के अधिकांश प्रश्न सीधे इन किताबों से पूछे जाते हैं। बाल विकास और शिक्षण शास्त्र के लिए डी.एल.एड की आधिकारिक पाठ्यपुस्तकों और आरसीआई के विशेष शिक्षा मॉड्यूल्स का अध्ययन करें। पिछले 5 वर्षों के यूपीटीईटी, सीटीईटी और पूर्व शिक्षक भर्ती परीक्षाओं के सॉल्व्ड पेपर्स को समयबद्ध तरीके से हल करें।
कटऑफ और प्रतिस्पर्धा का विश्लेषण
उत्तर प्रदेश में प्राथमिक शिक्षक भर्ती में हमेशा से भारी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती है। पिछली भर्तियों के आंकड़ों को देखें तो सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को चयन के लिए 150 में से कम से कम 105 से 115 अंक लाने का लक्ष्य रखना चाहिए। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 95 से 105 अंक सुरक्षित माने जा सकते हैं। चूंकि इस बार स्पेशल एजुकेशन और बीएलएड अभ्यर्थियों के शामिल होने से आवेदनों की संख्या में 50,000 से अधिक का इजाफा होने की संभावना है, इसलिए हर एक अंक आपकी अंतिम रैंकिंग तय करने में महत्वपूर्ण होगा।
