नई दिल्ली (एजुकेशन डेस्क): केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की वर्ष 2027 में आयोजित होने वाली कक्षा 10वीं और 12वीं की मुख्य बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले लाखों नियमित और प्राइवेट छात्र-छात्राओं के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण और समयबद्ध अलर्ट सामने आया है। बोर्ड द्वारा उम्मीदवारों की सूची यानी एलओसी (List of Candidates – LOC) और प्राइवेट परीक्षार्थियों के ऑनलाइन आवेदन की विलंब शुल्क (Late Fee of ₹2,000) के साथ अंतिम तिथि 30 अक्टूबर 2026 को समाप्त होने जा रही है। सीबीएसई ने साफ कर दिया है कि 30 अक्टूबर की रात 11:59 बजे के बाद किसी भी परिस्थिति में पंजीकरण पोर्टल दोबारा नहीं खोला जाएगा। इसके तुरंत बाद बोर्ड 2 नवंबर से 4 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन डेटा करेक्शन विंडो खोलेगा, जिसके बाद आधिकारिक परीक्षा तिथियों की डेटशीट cbse.gov.in पर जारी कर दी जाएगी।
एलओसी (LOC) क्या है और बोर्ड परीक्षा के लिए यह क्यों सबसे अनिवार्य है?
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में बैठने के लिए केवल स्कूल में दाखिला लेना ही पर्याप्त नहीं होता। बोर्ड के नियमों के अनुसार, प्रत्येक संबद्ध स्कूल को अपने कक्षा 10वीं और 12वीं के सभी वैध छात्रों का पूर्ण व्यक्तिगत, विषय-वार और जनसांख्यिकीय डेटा ‘ई-परीक्षा’ (e-Pariksha) पोर्टल के माध्यम से बोर्ड को भेजना होता है। इसी आधिकारिक डेटा को ‘लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स’ (LOC) कहा जाता है।
यदि किसी छात्र का नाम इस सूची में समय पर दर्ज नहीं होता है, तो उसका रोल नंबर जनरेट नहीं होगा और वह वर्ष 2027 की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। इसलिए सभी स्कूलों और अभिभावकों के लिए यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि 30 अक्टूबर से पहले छात्र का नाम, जन्मतिथि, माता-पिता का नाम और चुने गए विषय कोड बोर्ड के रिकॉर्ड में सही दर्ज हो चुके हों।

प्राइवेट परीक्षार्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन के नियम
जो छात्र पिछले सत्र में कंपार्टमेंट या फेल हो गए थे, या जो सुधार परीक्षा (Improvement Exam) देना चाहते हैं, या पत्राचार विद्यालय के माध्यम से प्राइवेट उम्मीदवार के रूप में परीक्षा में बैठ रहे हैं, उनके लिए भी 30 अक्टूबर विलंब शुल्क के साथ फॉर्म भरने का आखिरी मौका है।
प्राइवेट उम्मीदवारों के लिए आवश्यक शुल्क संरचना इस प्रकार है:
1. सामान्य परीक्षा शुल्क: भारत के स्कूलों के लिए 5 अनिवार्य विषयों हेतु ₹1,500 प्रति उम्मीदवार, और अतिरिक्त विषय के लिए ₹300 प्रति विषय।
2. विलंब शुल्क (Late Fee): 30 अक्टूबर तक फॉर्म भरने वाले सभी अभ्यर्थियों को सामान्य परीक्षा शुल्क के अतिरिक्त ₹2,000 प्रति उम्मीदवार विलंब शुल्क का भुगतान करना होगा।
3. प्रायोगिक परीक्षा शुल्क (Practical Fee): प्रत्येक प्रायोगिक विषय (जैसे फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी, कंप्यूटर साइंस) के लिए ₹150 प्रति विषय का अतिरिक्त शुल्क देय होगा।
2 से 4 नवंबर तक खुलेगी करेक्शन विंडो (Data Correction Window)
अक्सर देखा गया है कि एलओसी भरते समय स्कूलों के क्लर्क या साइबर कैफे वाले छात्र के नाम की स्पेलिंग, उपनाम या माता-पिता के नाम में अनजाने में गलतियां कर देते हैं। बाद में यह गलतियां अंकपत्र और माइग्रेशन सर्टिफिकेट में छप जाती हैं जिन्हें ठीक कराने के लिए छात्रों को वर्षों तक बोर्ड दफ्तर के चक्कर काटने पड़ते हैं।
सीबीएसई ने इन त्रुटियों को सुधारने के लिए स्कूलों को 2 नवंबर से 4 नवंबर 2026 तक की तीन दिवसीय विशेष करेक्शन विंडो उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। छात्र और अभिभावक अपने स्कूल प्रशासन से संपर्क करके निम्नलिखित विवरणों का भौतिक मिलान अवश्य कर लें:
1. छात्र का नाम और जन्मतिथि: कक्षा 10 के पिछले रिकॉर्ड या जन्म प्रमाण पत्र के अनुसार स्पेलिंग का अक्षरशः मिलान।
2. माता और पिता का नाम: आधार कार्ड और पूर्व प्रमाण पत्रों के अनुसार पूरा नाम।
3. विषय कोड (Subject Codes): सुनिश्चित करें कि बेसिक मैथ्स (Code 241) और स्टैंडर्ड मैथ्स (Code 041) का सही चयन दर्ज है। इसी तरह हिंदी कोर्स ‘ए’ (Code 002) और हिंदी कोर्स ‘बी’ (Code 085) का सही कोड भरा गया है।
4. दिव्यांग श्रेणी (PwD Category): यदि छात्र को परीक्षा में अतिरिक्त समय (Compensatory Time) या राइटर (Scribe) की आवश्यकता है, तो उसका मेडिकल सर्टिफिकेट पोर्टल पर अपलोड होना चाहिए।
कक्षा 10वीं और 12वीं की डेटशीट कब होगी जारी?
सीबीएसई के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, 30 अक्टूबर को एलओसी प्रक्रिया समाप्त होने और 4 नवंबर को डेटा करेक्शन पूरा होने के बाद बोर्ड सभी परीक्षा केंद्रों और विषय-वार परीक्षार्थियों की संख्या का अंतिम मिलान करेगा। संभावना है कि नवंबर के दूसरे या तीसरे सप्ताह में कक्षा 10वीं और 12वीं की मुख्य बोर्ड परीक्षाओं की विषय-वार आधिकारिक डेटशीट cbse.gov.in पर सार्वजनिक कर दी जाएगी। परीक्षाएं पूर्व परंपरा के अनुसार फरवरी के मध्य से शुरू होकर अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक चलेंगी। बोर्ड परीक्षाओं के आधिकारिक अपडेट्स, सैंपल पेपर्स और मार्किंग स्कीम के लिए हमारे एजुकेशन सेक्शन को नियमित फॉलो करते रहें।
स्कूलों और परीक्षा प्रभारियों के लिए अंतिम समय की महत्वपूर्ण चेकलिस्ट
सीबीएसई बोर्ड ने सभी स्कूलों के प्राचार्यों और परीक्षा प्रभारियों को कड़ा निर्देश दिया है कि वे 30 अक्टूबर की रात तक एलओसी पोर्टल पर सभी औपचारिकताएं पूरी कर लें। किसी भी तकनीकी रुकावट से बचने के लिए इन जरूरी बातों का ध्यान रखें:
1. छात्र और अभिभावकों के हस्ताक्षर: एलओसी की अंतिम पुष्टि करने से पहले स्कूल द्वारा जनरेट किए गए ड्राफ्ट प्रिंटआउट पर छात्र और उसके माता-पिता दोनों के भौतिक हस्ताक्षर लेना अनिवार्य है। यह हस्ताक्षर इस बात का कानूनी प्रमाण होते हैं कि दर्ज किया गया विवरण पूरी तरह सत्य है।
2. फोटोग्राफ के मानक: पोर्टल पर अपलोड की जाने वाली छात्र की फोटो पासपोर्ट साइज, सफेद बैकग्राउंड के साथ और हाल ही में खींची गई होनी चाहिए। फोटो में छात्र का चेहरा 80% दिखना चाहिए और फोटो के नीचे छात्र का नाम व फोटो खींचने की तारीख साफ लिखी होनी चाहिए। चश्मे पर रिफ्लेक्शन या टोपी वाली फोटो तुरंत रिजेक्ट हो जाती है।
3. विषय संयोजन (Subject Combinations) की जांच: बोर्ड के नियमों के अनुसार कुछ विषयों का संयोजन एक साथ नहीं लिया जा सकता। स्कूल यह सुनिश्चित करें कि किसी छात्र ने ऐसे दो परस्पर विरोधी विषय न चुन लिए हों जो बोर्ड सॉफ्टवेयर द्वारा अमान्य कर दिए जाएं।
दिव्यांग छात्रों (CWSN) के लिए विशेष सुविधाएं और छूट
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (Children with Special Needs – CWSN) के लिए विशेष रियायतें प्रदान करता है।
यदि कोई छात्र दृष्टिबाधित, डिस्लेक्सिक या चलने-फिरने में असमर्थ है, तो स्कूल को एलओसी भरते समय उसका वैध यूडीआईडी (UDID) कार्ड या सक्षम सरकारी मेडिकल बोर्ड का प्रमाण पत्र अपलोड करना होगा। ऐसे छात्रों को बोर्ड परीक्षा में निम्नलिखित सुविधाएं मिलती हैं:
प्रति घंटे 20 मिनट का अतिरिक्त समय (3 घंटे के पेपर में 1 घंटा अतिरिक्त)। योग्य राइटर (Scribe) या कंप्यूटर स्क्रीन रीडर का उपयोग करने की अनुमति। कैलकुलेटर (केवल डिस्केल्कुलिया से पीड़ित छात्रों के लिए) और आवर्धक लेंस की सुविधा। परीक्षा केंद्र हमेशा ग्राउंड फ्लोर पर सुलभ रैंप वाली कक्षाओं में ही आवंटित किए जाते हैं।
बोर्ड परीक्षा 2027 के लिए क्वेश्चन पेपर पैटर्न और योग्यता-आधारित प्रश्न (CBQs)
कक्षा 10वीं और 12वीं की मुख्य परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए प्रश्नपत्र के प्रारूप को समझना बेहद आवश्यक है। सीबीएसई ने 2027 की बोर्ड परीक्षा में ‘योग्यता-आधारित प्रश्नों’ (Competency-Based Questions – CBQs) का अनुपात बढ़ाकर 50% कर दिया है।
इसका अर्थ यह है कि अब परीक्षा में सीधे किताबी सवाल पूछने के बजाय केस-स्टडी आधारित, डेटा विश्लेषण और वास्तविक जीवन की समस्याओं पर आधारित प्रश्न पूछे जाएंगे। बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQs) का वेटेज 20% रहेगा, जबकि पारंपरिक लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों का वेटेज घटाकर मात्र 30% कर दिया गया है। बोर्ड ने cbseacademic.nic.in पर सभी मुख्य विषयों के नए आधिकारिक सैंपल पेपर्स और मार्किंग स्कीम्स अपलोड कर दी हैं। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे पिछले वर्षों के रटंत पेपर्स के बजाय इन नए केस-स्टडी पेपर्स का नियमित अभ्यास करें।
अंतिम समय की तकनीकी समस्याओं से बचने के उपाय
अक्सर देखा गया है कि अंतिम तिथि के दिन सर्वर पर लाखों छात्रों का डेटा एक साथ अपलोड होने से सीबीएसई का ई-परीक्षा पोर्टल धीमा हो जाता है या पेमेंट गेटवे टाइम-आउट हो जाता है। ऐसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए स्कूलों और छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे 30 अक्टूबर की शाम का इंतजार न करें बल्कि समय रहते सुबह ही चालान जनरेट करके ऑनलाइन फीस जमा कर दें। फीस भुगतान की रसीद और सिस्टम जनरेटेड कन्फर्मेशन स्लिप की कम से कम दो प्रतियां प्रिंट करके अपने पास सुरक्षित रखें। यदि किसी कारणवश पेमेंट कट जाए लेकिन स्टेटस अपडेट न हो, तो कम से कम 2 घंटे प्रतीक्षा करें और बैंक स्टेटमेंट के साथ बोर्ड की हेल्पलाइन पर ई-मेल भेजें।
