नई दिल्ली (पॉलिटिक्स डेस्क): दिवाली और धनतेरस के पावन त्योहार से ठीक पहले केंद्र सरकार ने देश भर के एक करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को बहुत बड़ा आर्थिक तोहफा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet) की बैठक में केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (Dearness Allowance – DA) और पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत (Dearness Relief – DR) में 3 प्रतिशत की अतिरिक्त बढ़ोतरी को औपचारिक मंजूरी दे दी गई है। इस ताज़ा वृद्धि के साथ ही केंद्रीय कर्मचारियों का कुल महंगाई भत्ता 60% से बढ़कर अब 63 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गया है। सबसे खास बात यह है कि यह बढ़ोतरी पिछली तारीख यानी 1 जुलाई 2026 से प्रभावी मानी जाएगी, जिसका सीधा मतलब है कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को अक्टूबर के वेतन में पिछले 3 महीने (जुलाई, अगस्त और सितंबर) का बकाया एरियर भी एकमुश्त खाते में ट्रांसफर किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले की मुख्य बातें
राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में आयोजित कैबिनेट ब्रीफिंग में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि बढ़ती खुदरा महंगाई (Retail Inflation) से सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए 7वें वेतन आयोग की स्थापित सिफारिशों के अनुसार यह निर्णय लिया गया है। इस फैसले के प्रमुख तथ्य इस प्रकार हैं:
1. लाभार्थियों की कुल संख्या: इस निर्णय से केंद्र सरकार के लगभग 48.54 लाख नियमित कर्मचारियों और 68.71 लाख सेवानिवृत्त पेंशनभोगियों को सीधा वित्तीय लाभ पहुंचेगा। कुल मिलाकर 1.17 करोड़ से अधिक परिवार सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।
2. सरकारी खजाने पर वित्तीय भार: महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में इस 3% की बढ़ोतरी से केंद्र सरकार के खजाने पर प्रति वर्ष लगभग ₹10,016.10 करोड़ का वित्तीय भार पड़ेगा। चालू वित्त वर्ष में जुलाई से फरवरी तक की अवधि के लिए लगभग ₹6,677 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
3. रेलवे और रक्षा कर्मियों को भी पूरा लाभ: यह वृद्धि रक्षा बलों, भारतीय रेलवे, डाक विभाग, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CRPF, BSF, CISF), केंद्रीय विद्यालयों और स्वायत्त सरकारी संस्थानों के सभी सिविल कर्मचारियों पर समान रूप से लागू होगी।

डीए की गणना कैसे होती है और सैलरी में कितना इजाफा होगा?
केंद्र सरकार अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के 12 महीनों के औसत के आधार पर साल में दो बार—जनवरी और जुलाई में डीए की समीक्षा करती है। डीए की गणना केवल कर्मचारी के मूल वेतन (Basic Pay) पर की जाती है। इसमें किसी अन्य भत्ते जैसे एचआरए या टीए को शामिल नहीं किया जाता।
आइए समझते हैं कि अलग-अलग पे-लेवल के कर्मचारियों के मासिक वेतन में कितना इजाफा होगा:
लेवल-1 (न्यूनतम बेसिक पे ₹18,000):
न्यूनतम मूल वेतन वाले कर्मचारी को पहले 60% की दर से ₹10,800 प्रति माह डीए मिलता था। अब 63% की दर से यह बढ़कर ₹11,340 हो जाएगा। यानी हर महीने वेतन में ₹540 की सीधी बढ़ोतरी होगी। साथ ही जुलाई, अगस्त और सितंबर का 3 महीने का एरियर ₹1,620 जोड़कर अक्टूबर में कुल ₹2,160 का अतिरिक्त भुगतान मिलेगा।
लेवल-7 (प्रारंभिक बेसिक पे ₹44,900 – 4600 ग्रेड पे अधिकारी):
मध्यम स्तर के अधिकारियों को 60% डीए पर ₹26,940 मिलता था, जो अब 63% होने पर ₹28,287 हो जाएगा। यानी हर महीने वेतन में ₹1,347 की शुद्ध बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा 3 महीने का एरियर ₹4,041 मिलाकर इस महीने वेतन में ₹5,388 अतिरिक्त आएंगे।
लेवल-10 (क्लास-1 गजटेड ऑफिसर, बेसिक पे ₹56,100):
ग्रुप ‘ए’ अधिकारियों के मासिक डीए में ₹1,683 की मासिक वृद्धि होगी और उन्हें ₹5,049 का एरियर मिलेगा।
पेंशनर्स के लिए पेंशन में इजाफा:
जिन वरिष्ठ नागरिकों को ₹25,000 की मासिक मूल पेंशन मिलती है, उनकी पेंशन में ₹750 प्रति माह की वृद्धि होगी और उन्हें ₹2,250 का एरियर सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा।
एचआरए और अन्य भत्तों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
7वें वेतन आयोग के नियमों के मुताबिक, जब महंगाई भत्ता 50% को पार कर जाता है, तो कई अन्य भत्ते अपने आप संशोधित हो जाते हैं। चूंकि डीए पहले ही 50% को पार कर चुका था, इसलिए हाउस रेंट अलाउंस (HRA) पहले ही एक्स, वाई और जेड श्रेणी के शहरों के लिए क्रमशः 30%, 20% और 10% के स्तर पर संशोधित किया जा चुका है।
इसके अलावा बच्चों का शिक्षा भत्ता (Children Education Allowance), हॉस्टल सब्सिडी, ट्रांसफर टीए और ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा में भी पूर्व के नियमों के तहत बढ़ोतरी लागू हो चुकी है। यह 3% की ताजा बढ़ोतरी कर्मचारियों की क्रय शक्ति को त्योहारों के समय बढ़ाने में मददगार साबित होगी।
त्योहारी सीजन में बाजार को मिलेगा बड़ा बूस्ट
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि दिवाली से ठीक पहले केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के खातों में डीए बढ़ोतरी और 3 महीने के एरियर के रूप में करीब ₹6,000 करोड़ से अधिक की नकद तरलता (Liquidity) पहुंचेगी। इससे खुदरा बाजार, रियल एस्टेट, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सोने-चांदी के आभूषणों की त्योहारी खरीदारी में भारी उछाल आने की उम्मीद है।
निष्कर्ष: केंद्रीय कर्मचारियों में खुशी की लहर
लंबे समय से 3% डीए बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए दिवाली से पहले यह घोषणा एक शानदार उपहार है। रेलवे यूनियनों और अखिल भारतीय सरकारी कर्मचारी महासंघ ने इस फैसले का स्वागत किया है। केंद्र सरकार की नीतियों, कैबिनेट के फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों की सटीक और निष्पक्ष खबरों के लिए हमारे पॉलिटिक्स सेक्शन को नियमित रूप से पढ़ते रहें।
8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन की तेज होती मांग
3% महंगाई भत्ते की बढ़ोतरी के साथ ही केंद्रीय कर्मचारी यूनियनों और रेलवे फेडरेशनों ने केंद्र सरकार से 8वें वेतन आयोग के गठन की आधिकारिक घोषणा करने की मांग फिर से तेज कर दी है। स्थापित परंपरा के अनुसार, केंद्र सरकार हर 10 साल में एक नया वेतन आयोग गठित करती है। 7वां वेतन आयोग 2014 में गठित हुआ था और इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू हुई थीं।
कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि 1 जनवरी 2026 को 10 वर्ष पूरे हो चुके हैं और वर्तमान में डीए 63% तक पहुंच चुका है। जब महंगाई भत्ता 50% से अधिक हो जाता है, तो मुद्रास्फीति के प्रभाव को कम करने के लिए मूल वेतन को संशोधित करना आवश्यक हो जाता है। यूनियनों ने मांग की है कि 8वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम मूल वेतन को ₹18,000 से बढ़ाकर ₹34,500 किया जाए और फिटमेंट फैक्टर को 2.57 से बढ़ाकर 3.68 किया जाए। हालांकि सरकार ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक समिति गठित नहीं की है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि आगामी बजट सत्र में इस पर कोई ठोस घोषणा हो सकती है।
ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS), एनपीएस और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS)
पेंशनभोगियों और मौजूदा कर्मचारियों के बीच पेंशन सुरक्षा को लेकर भी चर्चाएं जोरों पर हैं। केंद्र सरकार ने हाल ही में ‘यूनिफाइड पेंशन स्कीम’ (Unified Pension Scheme – UPS) को मंजूरी दी है, जिसमें कर्मचारियों को उनके अंतिम 12 महीनों के औसत मूल वेतन का 50% सुनिश्चित पेंशन के रूप में देने का प्रावधान किया गया है।
यूपीएस की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें भी ओपीएस की तरह महंगाई राहत (Dearness Relief) की पूरी सुरक्षा दी गई है। यानी जैसे-जैसे सक्रिय कर्मचारियों का डीए बढ़ेगा, उसी अनुपात में यूपीएस के तहत पेंशन पाने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारियों की डीआर में भी बढ़ोतरी होगी। यह ताजा 3% की डीआर बढ़ोतरी इस बात का सबूत है कि मुद्रास्फीति के विरुद्ध पेंशनर्स के वित्तीय हितों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
राज्य सरकारों द्वारा डीए बढ़ोतरी का रास्ता साफ
केंद्र सरकार द्वारा 3% डीए बढ़ोतरी का ऐलान होते ही अब देश के विभिन्न राज्य सरकारों—जैसे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, महाराष्ट्र और उत्तराखंड पर भी अपने राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स का डीए बढ़ाने का दबाव बन गया है। परंपरा के अनुसार, राज्य सरकारें भी केंद्र की दर का ही अनुसरण करती हैं। उम्मीद है कि अगले दो से तीन दिनों में कई राज्य सरकारें भी दिवाली बोनस और 3% डीए बढ़ोतरी की आधिकारिक अधिसूचनाएं जारी कर देंगी, जिससे देश भर के करीब 2 करोड़ से अधिक राज्य कर्मचारियों को भी फायदा मिलेगा।
