Reliance Jio Platforms ने SEBI के पास जमा किया मेगा टेक IPO का मसौदा: ₹55,000 करोड़ का लक्ष्य, जानें संभावित शेयर प्राइस और लिस्टिंग डेट

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Bombay Stock Exchange Dalal Street trading floor with glowing green ticker boards for tech IPO

मुंबई/दलाल स्ट्रीट (बिजनेस व टेक डेस्क): भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय और तकनीकी धमाका होने जा रहा है। देश के सबसे बड़े औद्योगिक घराने रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और दूरसंचार इकाई Jio Platforms Limited ने आज 14 अक्टूबर 2026 को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास अपने बहुप्रतीक्षित मेगा इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) का ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) आधिकारिक तौर पर जमा कर दिया है। रिलायंस जियो इस ऐतिहासिक आईपीओ के जरिए बाजार से लगभग ₹55,000 करोड़ ($6.6 बिलियन) जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके साथ ही कंपनी की कुल मार्केट वैल्यूएशन $120 बिलियन (लगभग ₹10 लाख करोड़) से अधिक आंकी गई है, जो इसे भारत का सबसे बड़ा और वैश्विक स्तर पर साल का सबसे चर्चित टेक आईपीओ बना देगा।

📌 Reliance Jio Mega IPO: मुख्य बातें और निवेशकों के लिए जरूरी आंकड़े

  • इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ: ₹55,000 करोड़ का मेगा इश्यू, एलआईसी (₹21,000 करोड़) और हुंडई इंडिया (₹27,870 करोड़) का रिकॉर्ड टूटेगा
  • कंपनी की धमाकेदार वैल्यूएशन: Jio Platforms की मार्केट वैल्यूएशन 115 से 120 बिलियन डॉलर (लगभग ₹9.8 से ₹10.2 लाख करोड़)
  • प्रमोटर और ग्लोबल इन्वेस्टर्स: रिलायंस इंडस्ट्रीज के अलावा मेटा (फेसबुक) और गूगल जैसी वैश्विक टेक दिग्गजों की आंशिक हिस्सेदारी बिक्री (OFS)
  • फंड्स का बड़ा इस्तेमाल: देश भर में 5G-एडवांस्ड नेटवर्क का विस्तार, 6G रिसर्च, क्लाउड डेटा सेंटर्स और स्वदेशी AI सुपरकंप्यूटर का निर्माण
  • खुदरा निवेशकों (Retail Quota): आम निवेशकों और रिलायंस के मौजूदा शेयरधारकों के लिए स्पेशल रिजर्वेशन और डिस्काउंट मिलने की संभावना
  • संभावित लिस्टिंग समय: सेबी की अंतिम मंजूरी के बाद जनवरी-फरवरी 2027 में एनएसई और बीएसई पर लिस्टिंग की तैयारी

Jio Platforms Mega IPO: भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ, सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर जमा

मुकेश अंबानी ने 2016 में जब जियो 4G लॉन्च किया था, तब से लेकर आज तक जियो ने भारत को दुनिया में सबसे सस्ता और सबसे बड़ा डेटा खपत वाला देश बना दिया है। आज जियो के पास 49 करोड़ से अधिक सक्रिय वायरलेस टेलीकॉम ग्राहक हैं और 1.5 करोड़ से अधिक होम ब्रॉडबैंड (JioAirFiber व JioFiber) कनेक्शंस हैं। लेकिन जियो अब सिर्फ एक टेलीकॉम कंपनी नहीं रही, बल्कि क्लाउड सर्विसेज, ओटीटी (JioCinema), यूपीआई पेमेंट्स, ई-कॉमर्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का एक विशाल टेक इकोसिस्टम बन चुकी है।

यही कारण है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज काफी समय से जियो प्लेटफॉर्म्स को शेयर बाजार में एक स्वतंत्र टेक दिग्गज के रूप में लिस्ट कराने की योजना बना रही थी। आज सेबी के पास डीआरएचपी दाखिल होने के बाद अब मर्चेंट बैंकर्स (मॉर्गन स्टेनली, गोल्डमैन सैक्स, कोटक महिंद्रा कैपिटल और जेपी मॉर्गन) ने वैश्विक रोड शो और बड़े संस्थागत निवेशकों (FIIs और DIIs) से बातचीत की प्रक्रिया तेज कर दी है।

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Jio IPO Expected Valuation & Size: ₹55,000 करोड़ जुटाने की तैयारी, कितनी होगी कंपनी की वैल्यू?

शेयर बाजार के विश्लेषकों के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यूएशन $115 बिलियन से $125 बिलियन (लगभग ₹9.6 लाख करोड़ से ₹10.5 लाख करोड़) के बीच लगाई जा रही है। अगर इस वैल्यूएशन पर आईपीओ आता है, तो लिस्ट होते ही जियो प्लेटफॉर्म्स भारत की टॉप-5 सबसे मूल्यवान लिस्टेड कंपनियों (रिलायंस इंडस्ट्रीज, टीसीएस, एचडीएफसी बैंक और इंफोसिस) के विशिष्ट क्लब में सीधे शामिल हो जाएगी।

इस मेगा आईपीओ में दो मुख्य हिस्से होंगे। पहला हिस्सा कंपनी द्वारा जारी किया जाने वाला फ्रेश इश्यू (Fresh Issue) होगा, जिसके जरिए लगभग ₹20,000 से ₹25,000 करोड़ जुटाए जाएंगे। दूसरा हिस्सा ऑफर फॉर सेल (OFS) का होगा, जिसमें कंपनी के शुरुआती ग्लोबल इन्वेस्टर्स (जैसे मेटा, गूगल, सिल्वर लेक, विस्टा इक्विटी पार्टनर्स) अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचकर आंशिक मुनाफावसूली करेंगे। रिलायंस इंडस्ट्रीज जियो प्लेटफॉर्म्स में अपनी 67% से अधिक की मजबूत नियंत्रक हिस्सेदारी पूरी तरह बनाए रखेगी।

Reliance Jio Mega Tech IPO Dalal Street Stock Market Board
तस्वीर: बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर जियो प्लेटफॉर्म्स के मेगा आईपीओ को लेकर निवेशकों में भारी उत्साह

Retail Investors Quota & Share Price: आम निवेशकों को कितना कोटा मिलेगा और शेयर का क्या होगा संभावित भाव?

भारतीय शेयर बाजार के करोड़ों रिटेल (खुदरा) निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि उन्हें इस आईपीओ में कितने शेयर मिलेंगे और शेयर की कीमत क्या होगी। सेबी के नियमों के अनुसार, कुल इश्यू साइज का कम से कम 35% हिस्सा खुदरा निवेशकों (Retail Category) के लिए आरक्षित रखा जाता है। इसके अलावा 15% हिस्सा गैर-संस्थागत निवेशकों (NIIs/HNI) के लिए और 50% हिस्सा योग्य संस्थागत खरीदारों (QIBs) के लिए रहेगा।

इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज के मौजूदा शेयरधारकों के लिए एक विशेष ‘Shareholder Quota’ भी रखा जा सकता है, जिसके तहत जिनके पास पहले से RIL के शेयर हैं, वे एक अलग कैटेगरी में भी आवेदन कर सकेंगे। शेयर के फेस वैल्यू और प्राइस बैंड का आधिकारिक ऐलान रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) आने पर होगा, लेकिन ब्रोकरेज हाउसों का अनुमान है कि खुदरा निवेशकों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए शेयर का भाव ₹350 से ₹500 प्रति शेयर के आकर्षक प्राइस ब्रैकेट में रखा जा सकता है ताकि एक लॉट का साइज ₹14,000 से ₹15,000 के आसपास रहे।

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5G, Cloud & AI Expansion: जुटाए गए पैसों का रिलायंस जियो कहां-कहां करेगी इस्तेमाल?

आईपीओ से जुटाए जाने वाले फ्रेश कैपिटल का इस्तेमाल जियो मुख्य रूप से अपने भविष्य के तकनीकी विस्तार के लिए करेगी। इसमें पहला बड़ा निवेश 5G-Standalone (5G SA) नेटवर्क का सघन विस्तार और 6G टेक्नोलॉजी की शुरुआती रिसर्च पर होगा। कंपनी पूरे देश में अपने 5G बेस स्टेशंस की संख्या को दोगुना करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

दूसरा बड़ा निवेश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में होगा। जियो ने जामनगर में एशिया का सबसे बड़ा ग्रीन एनर्जी पावर्ड गीगावाट-स्केल एआई डेटा सेंटर बनाने की घोषणा की है। इस डेटा सेंटर में एनवीडिया (NVIDIA) के अत्याधुनिक AI सुपरकंप्यूटिंग चिप्स लगाए जा रहे हैं, जो भारतीय भाषाओं के लिए ‘JioBrain’ और स्वदेशी लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLM) को शक्ति प्रदान करेंगे। इसके अलावा जियो एंटरप्राइज क्लाउड और एज-कंप्यूटिंग में भी बड़ा विस्तार करने जा रही है।

Jio vs Hyundai & LIC: क्या टूटेगा एलआईसी और हुंडई इंडिया के मेगा आईपीओ का रिकॉर्ड?

अब तक भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ सरकारी बीमा कंपनी LIC (₹21,008 करोड़) का था, जिसके बाद दक्षिण कोरियाई ऑटो दिग्गज Hyundai Motor India (₹27,870 करोड़) ने 2024 में दूसरा सबसे बड़ा रिकॉर्ड बनाया था। लेकिन जियो प्लेटफॉर्म्स का ₹55,000 करोड़ का प्रस्तावित आईपीओ इन दोनों पुराने रिकॉर्ड्स को एक झटके में ध्वस्त कर देगा और यह इनसे दोगुने से भी अधिक बड़ा होगा।

बाजार के जानकारों का मानना है कि जियो के आईपीओ को लेकर घरेलू म्यूचुअल फंड्स, बीमा कंपनियों और विदेशी सॉवरेन वेल्थ फंड्स में भारी भूख देखने को मिलेगी। जियो का लगातार बढ़ता कैश फ्लो, 50% से अधिक का ईबीआईटीडीए (EBITDA) मार्जिन और टेलीकॉम के साथ-साथ टेक सर्विसेज का मजबूत रेवेन्यू इसे एक सुरक्षित और उच्च-वृद्धि वाला निवेश बनाता है।

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Jio IPO Listing Date & Timeline: शेयर बाजार में कब होगी लिस्टिंग और कैसे करें तैयारी?

डीआरएचपी जमा होने के बाद सेबी द्वारा ड्राफ्ट की समीक्षा करने और प्रश्नों के समाधान में आमतौर पर 60 से 90 दिनों का समय लगता है। सूत्रों के मुताबिक, सेबी की अंतिम मंजूरी दिसंबर 2026 के मध्य तक मिलने की उम्मीद है। इसके बाद कंपनी जनवरी 2027 के मध्य या फरवरी 2027 के पहले सप्ताह में आधिकारिक बिडिंग विंडो खोल सकती है।

यदि आप भी इस ऐतिहासिक आईपीओ में हिस्सा लेना चाहते हैं, तो आपके पास एक सक्रिय डीमैट खाता (Demat Account) और यूपीआई आईडी (UPI ID) होना जरूरी है। बाजार विश्लेषकों की सलाह है कि जिन खुदरा निवेशकों के पास रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शेयर हैं, वे उन्हें अपने डीमैट में बनाए रखें, ताकि शेयरहोल्डर कोटे का अतिरिक्त फायदा मिल सके। दलाल स्ट्रीट पर यह आईपीओ निश्चित रूप से भारतीय टेक इतिहास का एक नया स्वर्णिम अध्याय लिखेगा।

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