PM Gati Shakti & National Logistics Policy Review 2026: कैबिनेट ने दी ₹24,000 करोड़ के 8 नए हाई-स्पीड इंडस्ट्रियल एक्सप्रेसवे कॉरिडोर को मंजूरी

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PM Gati Shakti National Logistics Policy 8 High Speed Industrial Expressway Corridors 2026

नई दिल्ली (पॉलिटिक्स व इंफ्रास्ट्रक्चर डेस्क): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज 3 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित केंद्रीय कैबिनेट व इंफ्रास्ट्रक्चर समिति की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में ‘पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान’ और राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति (National Logistics Policy) के तहत देश के 8 प्रमुख राज्यों में ₹24,000 करोड़ के 8 नए हाई-स्पीड एक्सेस-नियंत्रित औद्योगिक एक्सप्रेसवे और फ्रेट कॉरिडोर परियोजनाओं को अंतिम मंजूरी दे दी गई है। त्योहारी सीजन से ठीक पहले लिए गए इस बड़े नीतिगत फैसले का मुख्य उद्देश्य भारत की जीडीपी में लॉजिस्टिक्स लागत को मौजूदा 14% से घटाकर वैश्विक मानकों के अनुरूप 8% के स्तर पर लाना है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से दिल्ली-मुंबई, वाराणसी-कोलकाता और विशाखापट्टनम-चेन्नई जैसे व्यस्त आर्थिक गलियारों में भारी मालवाहक ट्रकों की औसत गति 35 किमी/घंटे से बढ़कर 85 किमी/घंटे हो जाएगी, जिससे ईंधन की भारी बचत और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।

PM Gati Shakti अक्टूबर 2026 कैबिनेट फैसलों के मुख्य बिंदु:

  • स्वीकृत कुल बजट: ₹24,000 करोड़ (सार्वजनिक-निजी भागीदारी – PPP और हाइब्रिड वार्षिकी मॉडल)
  • प्रमुख राज्य लाभार्थी: महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश
  • लॉजिस्टिक्स लागत लक्ष्य: माल ढुलाई खर्च को 14% से घटाकर 8% तक लाना
  • मल्टी-मॉडल एकीकरण: डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) और प्रमुख समुद्री बंदरगाहों को सीधे 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से जोड़ना
  • रोजगार सृजन: निर्माण और लॉजिस्टिक्स पार्क संचालन के जरिए 3.5 लाख से अधिक प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष नौकरियों का सृजन

1. स्वीकृत 8 नए आर्थिक व औद्योगिक कॉरिडोर्स का विस्तृत विवरण

नीचे दी गई तालिका में कैबिनेट द्वारा आज स्वीकृत किए गए सभी 8 नए हाई-स्पीड प्रोजेक्ट्स, उनकी लंबाई, अनुमानित लागत और कनेक्टिविटी लाभ का पूरा विवरण दिया गया है:

परियोजना का नामशामिल राज्यलंबाई (किमी)स्वीकृत लागतप्रमुख आर्थिक हब / लाभ
पुणे-नासिक इंडस्ट्रियल एक्सप्रेसवेमहाराष्ट्र213 किमी₹5,800 करोड़ऑटोमोबाइल हब (चाकन) और कृषि निर्यात कॉरिडोर को जोड़ना
वाराणसी-रांची-कोलकाता स्पर लाइनउत्तर प्रदेश, बिहार, बंगाल145 किमी₹4,200 करोड़पूर्वी कोयला व इस्पात बेल्ट की बंदरगाहों तक सीधी तेज पहुंच
सूरत-चेन्नई एक्सप्रेसवे लिंक (फेज-2)गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक180 किमी₹4,600 करोड़टेक्सटाइल और आईटी हब के बीच यात्रा समय में 12 घंटे की कटौती
ओडिशा मिनरल पोर्ट कनेक्टिविटी कॉरिडोरओडिशा110 किमी₹2,900 करोड़पारादीप बंदरगाह और कलिंगनगर स्टील क्लस्टर का सीधा लिंक
चेन्नई-बेंगलुरु फ्रेट बूस्टर लिंकतमिलनाडु, कर्नाटक95 किमी₹2,500 करोड़इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स को निर्बाध फ्रेट सपोर्ट
नागपुर-विजयवाड़ा ग्रीनफील्ड एक्सेसमहाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश160 किमी₹4,000 करोड़मध्य भारत के लॉजिस्टिक्स पार्क को पूर्वी तट से जोड़ना

2. पीएम गति शक्ति का मल्टी-मॉडल दृष्टिकोण: 16 मंत्रालयों का एकल डिजिटल प्लेटफॉर्म

अतीत में भारत में सड़क, रेलवे, जलमार्ग और टेलीकॉम के बीच समन्वय न होने के कारण बार-बार सड़कें खोदी जाती थीं और परियोजनाओं की लागत दोगुनी हो जाती थी। पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म ने इसरो (ISRO) के ‘भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग और भू-सूचना विज्ञान संस्थान’ (BISAG-N) के माध्यम से 200 से अधिक जीआईएस परतों (GIS Layers) का एक राष्ट्रीय डिजिटल नक्शा तैयार किया है।

अब किसी भी सड़क या रेलवे लाइन की योजना बनाते समय वन विभाग की अनुमति, गैस पाइपलाइन, पावर ग्रिड ट्रांसमिशन लाइन और रक्षा प्रतिष्ठानों की मंजूरी एक ही क्लिक में डिजिटल रूप से प्रोसेस हो जाती है। इससे भूमि अधिग्रहण और डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने का समय 2 साल से घटकर मात्र 3 महीने रह गया है।

3. नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी (NLP) से आम नागरिक और किसानों को क्या फायदा होगा?

लॉजिस्टिक्स सुधार केवल बड़े उद्योगपतियों के लिए नहीं, बल्कि आम जनता और किसानों के लिए भी वरदान साबित हो रहे हैं:

  1. खराब होने वाले फल-सब्जियों की बर्बादी पर रोक: कोल्ड चेन से लैस ट्रक अब बिना जाम के 24 घंटे में खेत से बड़े शहरों की मंडियों तक पहुंच सकेंगे, जिससे किसानों को उपज का 25% अधिक मूल्य मिलेगा।
  2. ई-कॉमर्स डिलीवरी होगी सुपरफास्ट: टियर-2 और टियर-3 शहरों में फ्लिपकार्ट, अमेजन और जोमैटो की सप्लाई चेन लागत घटने से सामान सस्ता और उसी दिन (Same-day Delivery) पहुंचेगा।
  3. भारतीय उत्पादों का वैश्विक निर्यात बढ़ेगा: चीन और वियतनाम की लॉजिस्टिक्स लागत 7-8% है, जिसके कारण उनके उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सस्ते होते हैं। भारत में लागत घटने से मेक इन इंडिया सामान दुनिया भर में प्रतिस्पर्धी बनेगा।

4. ग्रीन एनर्जी और पर्यावरण संरक्षण: सौर ऊर्जा से रोशन होंगे एक्सप्रेसवे

इन सभी 8 नए कॉरिडोर्स पर सौर ऊर्जा आधारित स्मार्ट लाइटिंग, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए हर 40 किलोमीटर पर अल्ट्रा-फास्ट ईवी चार्जिंग स्टेशन्स और दोनों किनारों पर 20 लाख से अधिक स्वदेशी पेड़ों का वृक्षारोपण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त बारिश के पानी को संरक्षित करने के लिए रेन-वाटर हार्वेस्टिंग पिट्स का अनिवार्य निर्माण किया जा रहा है।

5. पीएम गति शक्ति का पर्यावरण और वन मंजूरी पर प्रभाव (Green Clearances)

पहले बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में सबसे बड़ी देरी वन एवं पर्यावरण मंत्रालय (MoEFCC) से क्लीयरेंस मिलने में होती थी। पीएम गति शक्ति पोर्टल के एकीकृत ‘Parivesh 2.0’ पोर्टल के साथ जुड़ जाने के बाद अब पेड़ों की गिनती, वन्यजीव गलियारे का प्रभाव और कंपन अध्ययन ड्रोन व उपग्रह इमेजरी के जरिए डिजिटल रूप से 45 दिनों में पूरा हो जाता है। इसके अलावा किसी भी परियोजना में काटे जाने वाले पेड़ों के बदले 10 गुना पौधे लगाने (Compensatory Afforestation) की अग्रिम जीपीएस-टैग्ड जमीन पहले ही चिन्हित कर ली जाती है।

6. आगामी 5 वर्षों में भारत के लॉजिस्टिक्स सेक्टर की रूपरेखा

2030 तक भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में लॉजिस्टिक्स सुधार रीढ़ की हड्डी साबित होंगे। सरकार 100 मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल्स, 35 मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क्स और 10,000 किलोमीटर के नए समर्पित माल ढुलाई ट्रैक विकसित कर रही है। इससे बंदरगाहों पर जहाजों के टर्न-अराउंड समय में 50% की कमी आएगी और भारत वैश्विक लॉजिस्टिक्स प्रदर्शन सूचकांक (World Bank Logistics Performance Index) में शीर्ष 25 देशों की सूची में शामिल हो सकेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) – PM Gati Shakti & Logistics 2026

Q1: पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान क्या है?
A1: यह भारत सरकार का एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो 16 मंत्रालयों (सड़क, रेल, बंदरगाह, पेट्रोलियम आदि) को एक साथ लाकर बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की योजना और निष्पादन को तेज करता है।

Q2: आज कैबिनेट ने कितने बजट की परियोजनाओं को मंजूरी दी है?
A2: आज 3 अक्टूबर 2026 को ₹24,000 करोड़ की लागत वाले 8 नए हाई-स्पीड औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर्स को मंजूरी दी गई है।

Q3: नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी का मुख्य लक्ष्य क्या है?
A3: भारत में लॉजिस्टिक्स लागत को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के मौजूदा 14% से घटाकर 8% के वैश्विक मानक तक लाना।

Q4: इन परियोजनाओं से कौन-कौन से राज्य सबसे ज्यादा लाभान्वित होंगे?
A4: महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक को सीधा लाभ मिलेगा।

Q5: इन एक्सप्रेसवे पर गति सीमा (Speed Limit) क्या होगी?
A5: भारी वाणिज्यिक वाहनों और बसों के लिए 100 किमी/घंटा तथा पैसेंजर कारों के लिए 120 किमी/घंटा की गति सीमा निर्धारित की गई है।

Q6: क्या इन परियोजनाओं से नए रोजगार पैदा होंगे?
A6: जी हाँ, निर्माण, मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क्स (MMLPs), और वेयरहाउसिंग क्लस्टर्स के माध्यम से 3.5 लाख से अधिक नौकरियों का सृजन होगा।

Q7: डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) और इन सड़कों में क्या संबंध है?
A7: इन एक्सप्रेसवे को विशेष रूप से वेस्टर्न और ईस्टर्न डीएफसी के फ्रेट टर्मिनल्स से जोड़ा जा रहा है ताकि रेल और सड़क के बीच सामान की शिफ्टिंग में न्यूनतम समय लगे।

Q8: किसानों को इस परियोजना से सीधा क्या लाभ मिलेगा?
A8: कोल्ड स्टोरेज से जुड़े रेफ्रिजरेटेड कंटेनरों के जरिए दूध, फल और सब्जियां बिना सड़े तुरंत मेट्रो शहरों के बाजारों तक पहुंच सकेंगी।

Q9: इन कॉरिडोर्स का निर्माण कब तक पूरा होने का लक्ष्य है?
A9: एनएचएआई (NHAI) और सड़क परिवहन मंत्रालय ने इन सभी 8 परियोजनाओं को 2028-29 तक पूरा करने का कड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है।

Q10: क्या इन एक्सप्रेसवे पर इलेक्ट्रॉनिक टोलिंग होगी?
A10: हाँ, इन सभी पर बिना रुके टोल कटने वाली अत्याधुनिक सेटेलाइट-आधारित जीपीएस टोलिंग (GNSS Toll Collection) प्रणाली लागू की जाएगी।

Q11: क्या निजी कंपनियां भी इन परियोजनाओं में निवेश कर रही हैं?
A11: हाँ, ये परियोजनाएं हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM) और पीपीपी मॉडल के तहत निजी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के सहयोग से बनाई जा रही हैं।

Q12: पीएम गति शक्ति पोर्टल को कौन सी तकनीकी संस्था संचालित करती है?
A12: अंतरिक्ष विभाग के तहत भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग और भू-सूचना विज्ञान संस्थान (BISAG-N) इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का संचालन करता है।

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