नई दिल्ली (नेशनल एवं इलेक्शन डेस्क): देश भर में होने वाले आगामी चुनावों से पूर्व मतदाता सूचियों (Electoral Rolls) को शत-प्रतिशत त्रुटिहीन, स्वच्छ और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India – ECI) ने एक अभूतपूर्व राष्ट्रव्यापी महा-अभियान Special Summary Revision & BLO Door-to-Door Physical Verification 2026 शुरू करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। आयोग के इस नए आदेश के तहत अब देश के 10 लाख से अधिक मतदान केंद्रों के बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) घर-घर जाकर नागरिकों के दस्तावेजों की प्रत्यक्ष जांच करेंगे और वर्षों से चली आ रही दोहरे, फर्जी और मृतक मतदाताओं के नामों की समस्या को हमेशा के लिए समाप्त करेंगे।
चुनाव आयोग के वोटर लिस्ट रिवीजन अभियान के मुख्य बिंदु:
- घर-घर भौतिक सत्यापन (Door-to-Door Verification): बीएलओ प्रत्येक रजिस्टर्ड पते पर प्रत्यक्ष रूप से जाकर परिवार के प्रत्येक सदस्य की नागरिकता और मतदाता पहचान की जांच करेंगे।
- डुप्लीकेट नामों का तकनीकी सफाया: आयोग के नए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ‘D-Duplication Algorithm’ द्वारा एक ही व्यक्ति के विभिन्न क्षेत्रों में बने दोहरे वोटर कार्ड्स की पहचान।
- 18 वर्ष के युवाओं का एडवांस रजिस्ट्रेशन: अब साल में 4 कट-ऑफ तिथियों (1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर) को 18 वर्ष पूरे करने वाले युवा फॉर्म-6 के माध्यम से नाम जुड़वा सकेंगे।
- डिजिटल बीएलओ ऐप और जीपीएस मैपिंग: भौतिक सत्यापन को पारदर्शी बनाने के लिए बीएलओ द्वारा सभी फॉर्म्स का रियल-टाइम सत्यापन ‘ECI BLO App’ के जरिए जीपीएस लोकेशन के साथ किया जाएगा।
- मुफ्त कलर पीवीसी वोटर कार्ड: नए पंजीकरण या संशोधन के बाद चुनाव आयोग स्पीड पोस्ट द्वारा प्रत्येक नागरिक के घर पर मुफ्त में हाई-सिक्योरिटी स्मार्ट वोटर आईडी भेजेगा।
1. महा-अभियान की आवश्यकता: फर्जी और दोहरे वोटों पर कड़ा प्रहार
हाल ही में संपन्न हुए विभिन्न चुनावों के दौरान राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों द्वारा यह शिकायत बार-बार उठाई गई कि कई निर्वाचन क्षेत्रों में ऐसे हजारों लोगों के नाम अभी भी मतदाता सूची में दर्ज हैं जिनका देहांत वर्षों पहले हो चुका है, या जो कई साल पहले मकान बेचकर दूसरे राज्यों या शहरों में बस चुके हैं। इसके अलावा, एक ही व्यक्ति के अपने पैतृक गांव और वर्तमान कार्यक्षेत्र दोनों जगह वोटर आईडी कार्ड बने होने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि “एक स्वच्छ मतदाता सूची स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की पहली और गैर-परक्राम्य शर्त है। किसी भी वास्तविक नागरिक का नाम छूटना नहीं चाहिए, और किसी भी अपात्र या फर्जी नाम को सूची में रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी।”
2. बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के कर्तव्य और घर-घर सत्यापन प्रोटोकॉल
देश के 10 लाख से अधिक पोलिंग बूथों पर तैनात बीएलओ (जो सामान्यतः स्थानीय सरकारी शिक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या पटवारी होते हैं) के लिए चुनाव आयोग ने एक कड़ा 6-चरणीय सत्यापन प्रोटोकॉल लागू किया है:
- घर पर व्यक्तिगत भेंट: बीएलओ अपने क्षेत्र के प्रत्येक घर में परिवार के मुखिया से मिलेंगे और मतदाता सूची में दर्ज नामों की सूची की पुष्टि करेंगे।
- मृतक मतदाताओं का प्रमाणीकरण: परिवार से मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) की प्रति प्राप्त कर फॉर्म-7 के माध्यम से नाम हटाने की संस्तुति करेंगे।
- स्थायी रूप से स्थानांतरित नागरिक: जो नागरिक स्थायी रूप से पलायन कर चुके हैं, उनकी पड़ोसियों द्वारा गवाही लेकर प्रविष्टि को चिह्नित किया जाएगा।
- नवीनतम पासपोर्ट फोटो संकलन: जिन पुराने वोटर आईडी कार्ड्स में तस्वीरें धुंधली, काली या अस्पष्ट हैं, उनसे नई रंगीन पासपोर्ट फोटो ली जाएगी।
- दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों की मैपिंग: 85 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों और 40% से अधिक दिव्यांग नागरिकों की विशेष सूची तैयार की जाएगी ताकि उन्हें चुनाव आयोग की ‘होम वोटिंग’ (घर से मतदान) की सुविधा दी जा सके।
- बीएलओ रजिस्टर में हस्ताक्षर: सत्यापन के बाद घर के मुखिया और बीएलओ दोनों सत्यापन प्रपत्र पर हस्ताक्षर करेंगे।
3. नागरिकों के लिए जरूरी फॉर्म्स और उनकी उपयोगिता (Comprehensive Form Guide)
चुनाव आयोग ने नागरिकों की सुविधा के लिए सभी जरूरी फॉर्म्स को डिजिटल और ऑफलाइन दोनों माध्यमों में बेहद सरल बना दिया है:
| फॉर्म संख्या | किस उद्देश्य हेतु उपयोग करें? | पात्रता एवं विवरण | अनिवार्य संलग्नक दस्तावेज |
|---|---|---|---|
| फॉर्म 6 (Form 6) | पहली बार नए मतदाता के रूप में नाम जुड़वाना | 18 वर्ष या उससे अधिक आयु का कोई भी भारतीय नागरिक | आयु प्रमाण (10वीं मार्कशीट/जन्म प्रमाण पत्र), एड्रेस प्रूफ (बिजली बिल/आधार) और पासपोर्ट फोटो |
| फॉर्म 6A (Form 6A) | प्रवासी भारतीय (NRI) मतदाताओं का पंजीकरण | विदेश में रह रहे भारतीय पासपोर्ट धारक नागरिक | वैध भारतीय पासपोर्ट और वर्तमान वीजा की प्रमाणित प्रति |
| फॉर्म 7 (Form 7) | नाम हटाने या अवांछित प्रविष्टि पर आपत्ति दर्ज करना | मृत्यु होने पर या स्थायी रूप से स्थान बदलने पर | नगर निगम द्वारा जारी मृत्यु प्रमाण पत्र या लिखित घोषणा |
| फॉर्म 8 (Form 8) | संशोधन (नाम, पता, उम्र), रिप्लेसमेंट वोटर कार्ड | मौजूदा वोटर जिनके कार्ड में कोई गलती है या कार्ड खो गया है | संबंधित सुधार का वैध सरकारी दस्तावेज (जैसे आधार, पैन कार्ड) |
4. बिना नोटिस किसी का नाम नहीं कटेगा: कानूनी सुरक्षा के कड़े नियम
अतीत में ऐसी शिकायतें आती थीं कि दुर्भावनापूर्ण तरीके से या प्रशासनिक लापरवाही के कारण वैध मतदाताओं के नाम सूची से गायब हो गए। इस पर रोक लगाने के लिए चुनाव आयोग ने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी किया है:
- कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice): किसी भी मतदाता का नाम हटाने से पहले इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) द्वारा उसके पंजीकृत पते पर डाक द्वारा लिखित नोटिस भेजा जाएगा।
- 7 दिनों की सुनवाई का अवसर: संबंधित नागरिक को व्यक्तिगत रूप से या अपने प्रतिनिधि के माध्यम से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए 7 दिनों का समय दिया जाएगा।
- राजनीतिक दलों को सूची साझा करना: प्रस्तावित विलोपन (Deletion) की सूची सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के बूथ एजेंटों (BLAs) के साथ साझा की जाएगी ताकि वे भी इसकी सत्यता की पुष्टि कर सकें।
5. घर बैठे 2 मिनट में ऑनलाइन वोटर लिस्ट में अपना नाम कैसे जांचें?
- अपने स्मार्टफोन या कंप्यूटर पर निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पोर्टल voters.eci.gov.in पर जाएं अथवा Voter Helpline App डाउनलोड करें।
- होमपेज पर उपलब्ध विकल्प “Search in Electoral Roll” पर क्लिक करें।
- आप तीन आसान तरीकों से अपना नाम खोज सकते हैं:
- EPIC नंबर द्वारा: अपना वोटर आईडी कार्ड नंबर और राज्य दर्ज करें।
- मोबाइल नंबर द्वारा: अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आने वाला ओटीपी दर्ज करें।
- व्यक्तिगत विवरण द्वारा: अपना नाम, पिता का नाम, आयु, लिंग, राज्य और विधानसभा क्षेत्र दर्ज करें।
- सर्च रिजल्ट में आपका नाम, पोलिंग स्टेशन का नाम, भाग संख्या (Part No.) और क्रम संख्या (Serial No.) दिखाई देगी। आप वहीं से अपनी डिजिटल मतदाता पर्ची (e-Electoral Slip) डाउनलोड कर सकते हैं।
6. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Extended FAQs)
Q1: यदि बीएलओ मेरे घर आए और उस समय मैं घर पर न होऊं तो क्या मेरा नाम कट जाएगा?
उत्तर: बिल्कुल नहीं। आयोग के नियमों के अनुसार यदि पहली बार में घर बंद मिलता है, तो बीएलओ को न्यूनतम तीन अलग-अलग तारीखों पर पुनः आपके पते पर जाना अनिवार्य है।
Q2: क्या नया कलर पीवीसी स्मार्ट वोटर कार्ड पाने के लिए कोई फीस देनी होती है?
उत्तर: नहीं, चुनाव आयोग द्वारा नया वोटर कार्ड पूरी तरह मुफ्त तैयार किया जाता है और भारतीय डाक की स्पीड पोस्ट सेवा द्वारा सीधे आपके घर भेजा जाता है।
Q3: मेरी उम्र 17 वर्ष 6 महीने है, क्या मैं अभी से वोटर आईडी के लिए आवेदन कर सकता हूं?
उत्तर: हां! चुनाव आयोग के नए नियमों के तहत 17 वर्ष से अधिक आयु के युवा अग्रिम (Advance) आवेदन कर सकते हैं। जैसे ही आप 18 वर्ष के होंगे, अगली कट-ऑफ तिथि को आपका नाम स्वतः जुड़ जाएगा।
Q4: क्या आधार कार्ड को वोटर आईडी से लिंक करना कानूनी रूप से अनिवार्य है?
उत्तर: नहीं, आधार नंबर को वोटर आईडी से जोड़ना स्वैच्छिक (Voluntary) है। आधार नंबर न देने पर किसी भी नागरिक का नाम मतदाता सूची से काटा नहीं जा सकता।
Q5: यदि मैं दूसरे शहर में शिफ्ट हो गया हूं, तो क्या मुझे पुराने शहर से नाम कटवाने के लिए वहां जाना पड़ेगा?
उत्तर: नहीं, आप अपने नए पते पर ऑनलाइन फॉर्म-8 भरें। चुनाव आयोग आपके नए पते पर वोटर कार्ड बना देगा और पुराने पते से नाम स्वतः डिलीट हो जाएगा।
Q6: यदि बीएलओ सहयोग न करे या रिश्वत मांगे तो कहां शिकायत करें?
उत्तर: आप सीधे चुनाव आयोग के राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1950 पर कॉल करें या voters.eci.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। संबंधित बीएलओ के खिलाफ तत्काल विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
Q7: डिजिटल ई-वोटर कार्ड (e-EPIC) कैसे डाउनलोड करें?
उत्तर: voters.eci.gov.in पर जाकर ‘Download e-EPIC’ पर क्लिक करें। अपने रजिस्टर्ड मोबाइल पर ओटीपी प्राप्त करके आप डिजिटल पीडीएफ वोटर कार्ड तुरंत डाउनलोड कर सकते हैं जो मतदान के लिए 100% वैध है।
Q8: मतदाता सूची संशोधन की अंतिम तिथि क्या है?
उत्तर: आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रारंभिक ड्राफ्ट सूची पर आपत्तियां और दावे दर्ज कराने की अंतिम तिथि नवंबर 2026 के अंतिम सप्ताह तक खुली रहेगी।
अंतिम निष्कर्ष: एक जागरूक नागरिक ही एक मजबूत और जीवंत लोकतंत्र का निर्माण करता है। चुनाव आयोग के इस देशव्यापी शुद्धिकरण अभियान में अपने बीएलओ का सहयोग करें, परिवार के सभी योग्य सदस्यों का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करें और लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।
