नई दिल्ली (ऑटोमोबाइल डेस्क): त्योहारी सीजन का सबसे बड़ा और शुभ दिन धनतेरस और दिवाली अब बेहद करीब आ चुका है, और भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में इस समय जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। अगर आप भी इस त्योहारी सीजन में अपने घर नई कार लाने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि शोरूम्स में गाड़ियों का क्या हाल है। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी के पास इस समय 2 लाख 70 हजार (2.7 लाख) से अधिक पेंडिंग बुकिंग्स का भारी बैकलाग जमा हो चुका है। वहीं दूसरी तरफ, टाटा मोटर्स ने त्योहारी सीजन में 50,000 से अधिक गाड़ियों की सफल डिलीवरी पूरी करते हुए अपने लोकप्रिय इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) पर 3 लाख रुपये तक की रिकॉर्ड छूट की घोषणा कर दी है। डीलरशिप्स पर डिलीवरी स्लॉट्स को लेकर मारामारी मची है और ग्राहक शुभ मुहूर्त में गाड़ी की चाबी पाने के लिए दिन-रात कोशिश कर रहे हैं।
त्योहारी सीजन में कारों की रिकॉर्ड मांग और शोरूम्स की तैयारी
भारतीय संस्कृति में धनतेरस और दिवाली के पावन अवसर पर नई गाड़ी, सोना-चांदी और घरेलू उपकरण खरीदना बेहद शुभ और समृद्धिदायक माना जाता है। इसी धार्मिक और सामाजिक विश्वास के कारण ऑटोमोबाइल डीलरशिप्स पूरे साल में सबसे ज्यादा बिक्री इसी 10 से 15 दिनों के त्योहारी दौर में दर्ज करती हैं। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) के अनुसार, हालांकि पिछले साल के मुकाबले इस बार जीएसटी और आधार प्रभाव के चलते खुदरा पंजीकरण में मिला-जुला रुख देखा गया है, लेकिन प्रमुख वाहन निर्माताओं के शोरूम्स पर ग्राहकों की सीधी बुकिंग्स और पूछताछ में कोई कमी नहीं आई है।
दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु, अहमदाबाद, लखनऊ और जयपुर जैसे बड़े महानगरों में मारुति, टाटा, हुंडई, महिंद्रा और किआ की प्रमुख डीलरशिप्स ने धनतेरस के दिन सुबह 6 बजे से ही डिलीवरी प्रक्रिया शुरू करने की विशेष तैयारी की है। कई शोरूम्स ने अतिरिक्त स्टाफ, विशेष पूजा थाली, मिठाई के डिब्बे और फास्टैग एक्टिवेशन काउंटर स्थापित किए हैं ताकि ग्राहकों को अपनी नई गाड़ी की डिलीवरी लेने में अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े।

मारुति सुजुकी: 2.7 लाख पेंडिंग ऑर्डर्स और लोकप्रिय मॉडल्स का वेटिंग पीरियड
मारुति सुजुकी इंडिया के आधिकारिक बयानों के मुताबिक, नवरात्रि और दशहरा के बाद कंपनी के पास डिलीवरी के लिए लंबित ऑर्डर्स की संख्या 2.7 लाख यूनिट्स को पार कर गई है। सबसे ज्यादा मांग कॉम्पैक्ट एसयूवी और किफायती हैचबैक सेगमेंट में देखी जा रही है। आइए जानते हैं कि मारुति के किस मॉडल पर कितना इंतजार करना पड़ रहा है:
1. मारुति ब्रेज़ा (Maruti Brezza): पेट्रोल और सीएनजी दोनों विकल्पों में भारतीय परिवारों की पहली पसंद बनी हुई ब्रेज़ा के टॉप वेरिएंट्स पर लगभग 6 से 10 सप्ताह का वेटिंग पीरियड चल रहा है। सीएनजी वेरिएंट्स की भारी मांग के कारण कई शहरों में डिलीवरी नवंबर के अंत तक खिसक गई है।
2. मारुति ग्रैंड विटारा (Grand Vitara): स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड और ऑल-व्हील ड्राइव विकल्पों के साथ आने वाली ग्रैंड विटारा का वेटिंग पीरियड 4 से 8 सप्ताह का है। त्योहारों के लिए कंपनी ने ‘विक्टोरिस औरम एडिशन’ (Victoris Aurum Edition) भी पेश किया है, जो अतिरिक्त एसेसरीज किट के साथ तेजी से बिक रहा है।
3. मारुति स्विफ्ट और डिजायर (Swift & Dzire): नई पीढ़ी की स्विफ्ट और जल्द आने वाली नई डिजायर को लेकर युवाओं में भारी उत्साह है। स्विफ्ट के जेड-सीरीज 3-सिलेंडर पेट्रोल इंजन वेरिएंट्स पर 3 से 5 हफ्ते की सामान्य प्रतीक्षा अवधि है।
4. मारुति फ्रोंक्स (Maruti Fronx): टर्बो पेट्रोल और सीएनजी में उपलब्ध इस कूपे एसयूवी की बुकिंग्स लगातार मजबूत बनी हुई हैं और सामान्य वेरिएंट्स 2 से 4 सप्ताह में डिलीवर किए जा रहे हैं।
टाटा मोटर्स: ईवी मॉडल्स पर 3 लाख रुपये तक की बंपर छूट और डिलीवरी रिकॉर्ड
टाटा मोटर्स ने इस त्योहारी सीजन में ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए अपने पोर्टफोलियो में सबसे आक्रामक डिस्काउंट और ऑफर्स की पेशकश की है। कंपनी ने त्योहारों के पहले चरण में ही 50,000 से अधिक पैसेंजर गाड़ियों की सफल डिलीवरी पूरी कर ली है। विशेष रूप से इलेक्ट्रिक वाहन सेगमेंट में टाटा ने पेट्रोल और डीजल गाड़ियों से मुकाबला करने के लिए भारी मूल्य कटौती की है:
टाटा नेक्सन ईवी (Tata Nexon EV): नेक्सन ईवी के चुनिंदा पुराने और नए स्टॉक पर कैश डिस्काउंट, एक्सचेंज बोनस और लॉयल्टी बेनिफिट्स मिलाकर ₹2.5 लाख से ₹3 लाख तक की सीधी बचत मिल रही है। इसके अलावा 6 महीने तक मुफ्त फास्ट चार्जिंग का ऑफर भी दिया जा रहा है।
टाटा पंच ईवी (Tata Punch EV): भारत की सबसे सुरक्षित और लोकप्रिय माइक्रो एसयूवी पंच के इलेक्ट्रिक वर्जन पर ₹80,000 से लेकर ₹1.20 लाख तक के त्योहारी फायदे उपलब्ध हैं।
टाटा टियागो ईवी (Tata Tiago EV): बजट फ्रेंडली इलेक्ट्रिक हैचबैक टियागो ईवी पर करीब ₹60,000 से ₹85,000 तक की छूट मिल रही है, जिससे यह शहर में चलने के लिए सबसे किफायती विकल्प बन गई है।
टाटा कर्व (Tata Curvv): नई पेश की गई कूपे एसयूवी कर्व के पेट्रोल और डीजल वेरिएंट्स पर भारी बुकिंग्स देखने को मिल रही हैं, और डिलीवरी स्लॉट्स दिसंबर तक बुक हो चुके हैं।
हुंडई, महिंद्रा और अन्य ब्रांड्स का त्योहारी प्रदर्शन
हुंडई मोटर इंडिया, जिसने हाल ही में अपना ऐतिहासिक आईपीओ पूरा किया है, अपनी क्रेटा (Creta) और वेन्यू (Venue) के दम पर मजबूत स्थिति में है। क्रेटा के फेसलिफ्ट मॉडल पर वेरिएंट के आधार पर 8 से 16 सप्ताह तक का लंबा वेटिंग पीरियड अभी भी बना हुआ है। वहीं हुंडई एक्सटर (Exter) और अल्कजार (Alcazar) पर कॉर्पोरेट छूट और 1 साल का मुफ्त इंश्योरेंस पैकेज ऑफर किया जा रहा है।
दूसरी तरफ महिंद्रा एंड महिंद्रा के शोरूम्स पर थार रॉक्स (Thar Roxx 5-Door) और स्कॉर्पियो-एन (Scorpio-N) के लिए ग्राहकों की लंबी कतारें लगी हैं। थार रॉक्स की पहले ही दिन हुई बंपर बुकिंग्स के चलते चुनिंदा वेरिएंट्स का वेटिंग पीरियड 6 महीने से लेकर 1 साल तक पहुंच चुका है। हालांकि, महिंद्रा ने धनतेरस पर पहले से बुक किए गए ग्राहकों को प्राथमिकता के आधार पर डिलीवरी देने के लिए अपने प्रोडक्शन प्लांट में तीसरी शिफ्ट चालू कर दी है।
धनतेरस पर डिलीवरी लेते समय इन 5 महत्वपूर्ण बातों का रखें विशेष ध्यान
त्योहार की जल्दबाजी और शोरूम में भारी भीड़ के बीच कई बार ग्राहक अपनी नई गाड़ी की जरूरी जांच-पड़ताल करना भूल जाते हैं। डिलीवरी के दिन किसी भी तरह के नुकसान या धोखाधड़ी से बचने के लिए इन जरूरी बातों का पालन करें:
1. प्री-डिलीवरी इंस्पेक्शन (PDI) खुद करें: दिन की रोशनी में गाड़ी के चारों तरफ घूमकर अच्छी तरह देखें कि बॉडी पैनल, बंपर या दरवाजों पर कोई स्क्रैच, डेंट या री-पेंटिंग का निशान तो नहीं है। गाड़ी के मीटर में ओडोमीटर रीडिंग 30 से 60 किलोमीटर से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
2. मैन्युफैक्चरिंग मंथ और ईयर चेक करें: कार के वीआईएन (VIN – Vehicle Identification Number) नंबर की जांच करें। 17 अंकों के इस कोड से साफ पता चल जाता है कि गाड़ी किस महीने और किस साल में बनी है। डीलर से पुष्टि करें कि आपको कोई 6-8 महीने पुरानी खड़ी गाड़ी तो नहीं दी जा रही है।
3. इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल फीचर्स की जांच: गाड़ी के अंदर बैठकर सभी पावर विंडो, एसी कूलिंग, इंफोटेनमेंट टचस्क्रीन, रिवर्स कैमरा, वाइपर्स, हॉर्न और सभी हेडलाइट्स व टेललाइट्स को चालू करके चेक करें।
4. दस्तावेजों का बारीकी से मिलान: इनवॉइस बिल, इंश्योरेंस पॉलिसी, आरटीओ फॉर्म 20, 21 और फास्टैग डिटेल्स में अपने नाम की स्पेलिंग, पिता का नाम, पता, इंजन नंबर और चेसिस नंबर को अक्षर-दर-अक्षर मिलाएं।
5. टूलकिट और स्पेयर व्हील: बूट स्पेस खोलकर चेक करें कि स्टेपनी टायर, जैक, पाना, टो-हुक, फर्स्ट एड बॉक्स और वार्निंग ट्रायंगल सही सलामत मौजूद हैं या नहीं।
निष्कर्ष: धनतेरस पर समझदारी भरा सौदा कैसे करें?
अगर आपको धनतेरस या दिवाली के दिन ही डिलीवरी चाहिए और आपकी मनपसंद कार पर लंबा वेटिंग पीरियड है, तो डीलर से कैंसिलेशन स्लॉट्स या स्टॉक में मौजूद वैकल्पिक रंगों के बारे में पूछें। कई बार दूसरे ग्राहकों के लोन रिजेक्ट होने पर तुरंत डिलीवरी मिल जाती है। साथ ही बाहरी इंश्योरेंस कोट्स की तुलना डीलर के इंश्योरेंस से जरूर करें, जिससे आप ₹15,000 से ₹30,000 तक की अतिरिक्त बचत कर सकते हैं। ऑटोमोबाइल उद्योग, नई कारों के लॉन्च और रिव्यू की ताज़ा खबरों के लिए हमारे ऑटोमोबाइल सेक्शन से जुड़े रहें।
त्योहारी सीजन में कार लोन और फाइनेंसिंग पर कैसे बचाएं हजारों रुपये?
कार खरीदते समय सिर्फ शोरूम डिस्काउंट पर ही ध्यान देना काफी नहीं होता, बल्कि सही फाइनेंसिंग विकल्प चुनकर आप अतिरिक्त 40,000 से 70,000 रुपये तक बचा सकते हैं। त्योहारी सीजन में भारतीय स्टेट बैंक (SBI), एचडीएफसी बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसी प्रमुख वित्तीय संस्थाओं ने विशेष ‘फेस्टिवल लोन कार्निवल’ शुरू किए हैं:
1. जीरो प्रोसेसिंग फीस: अधिकांश सरकारी और प्राइवेट बैंक इस समय कार लोन पर लगने वाली प्रोसेसिंग फीस पूरी तरह माफ कर रहे हैं। सामान्य दिनों में यह फीस लोन राशि का 0.5% से 1% तक होती है।
2. कम ब्याज दरें: त्योहारी सीजन के दौरान कार लोन की ब्याज दरें 8.65% से 8.95% के आकर्षक स्तर पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। यदि आपका सिबिल स्कोर (CIBIL Score) 750 से अधिक है, तो आप बैंक से अतिरिक्त 25 बेसिस प्वाइंट्स की छूट के लिए बातचीत कर सकते हैं।
3. 100% ऑन-रोड फंडिंग: कई बैंक कार के एक्स-शोरूम मूल्य के बजाय पूरे ऑन-रोड प्राइस (जिसमें आरटीओ टैक्स और इंश्योरेंस भी शामिल है) पर 100% तक का फाइनेंस दे रहे हैं, जिससे खरीदार को अपनी जेब से न्यूनतम डाउन पेमेंट करना पड़ता है।
पेट्रोल, सीएनजी और इलेक्ट्रिक (EV): आपके लिए कौन सा विकल्प सबसे फायदेमंद?
नई गाड़ी चुनते समय खरीदारों के सामने सबसे बड़ा असमंजस यह रहता है कि पेट्रोल लें, सीएनजी या फिर इलेक्ट्रिक। इसका सही चुनाव आपकी रोजाना की यात्रा पर निर्भर करता है:
रोजाना 20 से 30 किमी चलना: यदि आपकी रोजाना की ड्राइविंग सीमित है, तो पारंपरिक पेट्रोल कार सबसे व्यावहारिक है क्योंकि इसकी शुरुआती खरीद कीमत कम होती है और इंजन बहुत स्मूथ रहता है।
रोजाना 40 से 80 किमी चलना: यदि आप रोजाना ऑफिस के लिए लंबा सफर तय करते हैं, तो फैक्ट्री-फिटेड सीएनजी कार सबसे किफायती साबित होती है। सीएनजी में प्रति किलोमीटर खर्च मात्र ₹2.50 से ₹3.00 के आसपास आता है।
रोजाना 80 किमी से अधिक या शहर का भारी ट्रैफिक: यदि आप बहुत ज्यादा गाड़ी चलाते हैं और घर पर पार्किंग की सुविधा है, तो इलेक्ट्रिक कार सबसे बेहतरीन विकल्प है। ईवी में चलने का खर्च मात्र ₹1.00 से ₹1.20 प्रति किलोमीटर आता है और इसके मेंटेनेंस का खर्च भी पेट्रोल कारों से 70% कम होता है।
